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यूक्रेन की मोर्चे पर जितनी बढ़ रहीं मुश्किलें, रूसी नागरिकों पर उतने ही बर्बर हो रहे हमले: पुतिन

© Sputnik / Alexey NikolskiyVladimir Putin
Vladimir Putin - Sputnik भारत, 1920, 22.08.2026
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष और मौजूदा परिस्थितियों में रूस की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि देश की ताकत सेना और समाज की एकता में निहित है।
पुतिन ने शनिवार को मॉस्को में रूस की सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी की XXIII कांग्रेस के दूसरे चरण को संबोधित किया। यूक्रेन संघर्ष पर बोलते हुए उन्होंने कीव के हमलों को आतंकवादी करार दिया और कहा कि उनमें उस विचारधारा का स्वरूप दिखाई देता है, जिसके खिलाफ रूस लड़ रहा है।

पुतिन ने कहा, "विशेष सैन्य अभियान जारी है। मोर्चे पर दुश्मन की स्थिति जितनी कठिन होती जा रही है, कीव शासन उतने ही क्रूर और बर्बर हमले कर रहा है। इसमें उस ताकत की पूरी नव-नाजी, बांदेरावादी और रूस-विरोधी प्रकृति दिखाई देती है, जिसके खिलाफ हम लड़ रहे हैं।"

आगे रूसी राष्ट्रपति ने अपना ध्यान देश के भीतर सेना को मिल रहे समर्थन पर केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि युद्ध के मैदान में सैनिकों के प्रयासों के साथ उद्योग, कृषि, विज्ञान, कारोबार और स्वयंसेवी संगठनों का काम भी रूस के लिए अहम है।

उन्होंने कहा, "इस समय बहुत कुछ हमारी एकजुटता, रूसी सैनिकों और अधिकारियों के साहस और अपने स्थान पर ईमानदारी से काम कर जीत में योगदान देने वाले हर व्यक्ति पर निर्भर करता है। मुझे विश्वास है कि हमारे सैनिक हमें निराश नहीं करेंगे। आज पूरा रूस उनके साथ है – श्रमिक समूह, कारखाने, किसान, वैज्ञानिक, उद्यमी, इंजीनियर, स्वयंसेवक, हमारा 'पीपुल्स फ्रंट' और पूरा नागरिक समाज।"

पुतिन ने सेना और देश के भीतर उसका समर्थन कर रहे लोगों के बीच एकता को रूस की ताकत और भविष्य के प्रति भरोसे का आधार बताया। उन्होंने इसमें अलग-अलग पीढ़ियों को जोड़ने वाले साझा मूल्यों की भूमिका पर भी जोर दिया।
पुतिन ने कहा, "मोर्चे और देश के भीतर के हिस्से, रूसी समाज की सभी पीढ़ियों की एकता और हमारे पूर्वजों से मिले मूल्यों की मजबूती में ही हमारी ताकत और भविष्य के प्रति विश्वास निहित है।"
रूसी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा के सवाल पर देश को एकजुट रहना होगा।
उन्होंने कहा, "हम एक ही लोग हैं और अपने झंडे, अपनी मातृभूमि और उसके हितों के लिए मिलकर लड़ेंगे।"
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