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डोनबास में बफर जोन के प्रस्ताव पर क्रेमलिन ने दिया जवाब
डोनबास में बफर जोन के प्रस्ताव पर क्रेमलिन ने दिया जवाब
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डोनबास रूसी संघ का हिस्सा है और रूस के क्षेत्रों का प्रबंधन कोई दूसरा पक्ष नहीं कर सकता। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को यूक्रेनी नेता... 25.08.2026, Sputnik भारत
2026-08-25T15:40+0530
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वहीं, संघर्ष समाप्त होने के बाद यूक्रेन में NATO देशों के सैनिक भेजने की तथाकथित 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' की योजना पर पेस्कोव ने कहा कि रूस के लिए ऐसी तैनाती अस्वीकार्य है।पेस्कोव ने यह भी कहा कि रूस यूक्रेन संकट का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए तैयार है। हालांकि, ऐसा रास्ता उपलब्ध न होने तक रूसी सेना अपना सैन्य अभियान जारी रखेगी। उनके मुताबिक, मॉस्को को जीत का भरोसा है, लेकिन इसे हासिल करने का तरीका मौजूदा हालात पर निर्भर करेगा।
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रूस , यूक्रेन , विशेष सैन्य अभियान, डोनबास
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डोनबास में बफर जोन के प्रस्ताव पर क्रेमलिन ने दिया जवाब
डोनबास रूसी संघ का हिस्सा है और रूस के क्षेत्रों का प्रबंधन कोई दूसरा पक्ष नहीं कर सकता। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को यूक्रेनी नेता वोलोदिमीर जेलेंस्की के डोनबास में बफर जोन बनाने संबंधी बयान पर यह प्रतिक्रिया दी।
पेस्कोव ने कहा, "डोनबास रूस का क्षेत्र है। ये रूसी संघ के क्षेत्र हैं। मैं तुरंत केवल यही टिप्पणी करना चाहूंगा कि शायद ही कोई पक्ष रूसी संघ के क्षेत्रों का प्रबंधन कर सकता है।"
वहीं, संघर्ष समाप्त होने के बाद यूक्रेन में NATO देशों के सैनिक भेजने की तथाकथित 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' की योजना पर पेस्कोव ने कहा कि रूस के लिए ऐसी तैनाती अस्वीकार्य है।
उन्होंने कहा, "यूक्रेन में NATO सदस्य देशों के सैन्य बलों की तैनाती की मंशा पर पहली बार चर्चा नहीं हो रही है। भले ही इसे ‘संघर्ष खत्म होने के बाद’ की योजना बताया जा रहा हो, लेकिन हम विभिन्न स्तरों पर बार-बार स्पष्ट कर चुके हैं कि उत्तर अटलांटिक गठबंधन के विदेशी सैनिकों की तैनाती हमारे लिए अस्वीकार्य है।"
पेस्कोव ने यह भी कहा कि रूस यूक्रेन संकट का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए तैयार है। हालांकि, ऐसा रास्ता उपलब्ध न होने तक रूसी सेना अपना सैन्य अभियान जारी रखेगी। उनके मुताबिक, मॉस्को को जीत का भरोसा है, लेकिन इसे हासिल करने का तरीका मौजूदा हालात पर निर्भर करेगा।