राजनीति
भारत की सबसे ताज़ा खबरें और वायरल कहानियाँ प्राप्त करें जो राष्ट्रीय घटनाओं और स्थानीय ट्रेंड्स पर आधारित हैं।

भारत ने सिंधु जल संधि से जुड़े तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय के फैसले को किया खारिज

© AFP 2023 NARINDER NANUIndian Border Security (BSF) stand guards during a cold foggy morning as part of the celebrations to mark country's Republic Day at the India-Pakistan Wagah border post, about 35km from Amritsar on January 26, 2024.
Indian Border Security (BSF) stand guards during a cold foggy morning as part of the celebrations to mark country's Republic Day at the India-Pakistan Wagah border post, about 35km from Amritsar on January 26, 2024. - Sputnik भारत, 1920, 31.08.2026
सब्सक्राइब करें
भारत ने सोमवार को सिंधु जल संधि के तहत अंतरिम उपायों और संधि की स्थिति से जुड़े तथाकथित 'मध्यस्थता न्यायालय' (CoA) के फैसले को खारिज कर दिया। भारत ने इस न्यायालय को "गैर-कानूनी तरीके से गठित" बताया है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस न्यायालय का गठन विश्व बैंक द्वारा संधि की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए किया गया था। मंत्रालय के मुताबिक, भारत ने गैर-कानूनी तरीके से गठित इस तथाकथित 'मध्यस्थता न्यायालय' के कानूनी अस्तित्व को कभी मान्यता नहीं दी है।

बयान में कहा गया, "भारत लगातार यह कहता रहा है कि इस तथाकथित मध्यस्थता निकाय की स्थापना ही सिंधु जल संधि का गंभीर उल्लंघन है। इसलिए भारत कभी भी इस निकाय के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ और इसके पिछले फैसलों का संज्ञान लेने से इनकार करता रहा है।"

विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तथाकथित 'मध्यस्थता न्यायालय' के पास भारत के संप्रभु निर्णयों पर फैसला सुनाने का कोई अधिकार नहीं है।

मंत्रालय ने आगे कहा, "इस न्यायालय के फैसलों का, चाहे वे अभी सुनाए जाएं या भविष्य में, भारत की संबंधित परियोजनाओं पर की जाने वाली कार्रवाइयों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का भारत का फैसला अभी भी लागू है।"

Indian Defence Minister Rajnath Singh signs the condolence book at the Embassy of Nepal in New Delhi. - Sputnik भारत, 1920, 31.08.2026
विश्व
नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही पर राजनाथ सिंह ने जताया शोक, मदद का दिया भरोसा
न्यूज़ फ़ीड
0
loader
चैट्स
Заголовок открываемого материала