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ब्रिक्स में आर्थिक गतिविधियाँ सदस्य देशों की स्वतंत्रता को बढ़ाती हैं: भारतीय विदेश मंत्री

© Photo : X/@DrSJaishankarSubrahmanyam Jaishankar
Subrahmanyam Jaishankar - Sputnik भारत, 1920, 11.09.2026
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ब्रिक्स में ज़्यादा आर्थिक गतिविधि का मतलब है कि इस समूह में शामिल देशों को ज़्यादा आज़ादी मिलेगी, भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा।
"ब्रिक्स के लिए खास तौर पर ज़रूरी बात यह है कि ज़्यादा आर्थिक गतिविधियां हों ... इसका मतलब है ज़्यादा आज़ादी। इसका मकसद आपसी जुड़ाव और प्रतिस्पर्धा बनाए रखते हुए झटकों का सामना करने की हमारी क्षमता को मजबूत करना है," नई दिल्ली में ब्रिक्स-2026 वाणिज्य मंच में मंत्री ने कहा।
जयशंकर के अनुसार, देश के संगठन की मुख्य प्राथमिकताएँ हैं - विभिन्न केंद्रों या बिंदुओं के बीच आपसी जुड़ाव, और सेवा, कृषि, डिजिटल टेक्नोलॉजी व छोटे व्यवसायों जैसे क्षेत्रों का विकास।
उनके अनुसार, इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स, अनुमान लगाने योग्य कारोबारी माहौल, अलग-अलग तरह के व्यापारिक संबंध और पारदर्शी व्यापार व निवेश प्रक्रियाएं ज़रूरी हैं।
बता दें कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का फ़ोकस व्यापार, डिजिटल टेक्नोलॉजी, फ़ाइनेंस, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक शासन में सुधार जैसे क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मज़बूत करने पर रहा है।
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