यूक्रेन संकट
मास्को ने डोनबास के लोगों को, खास तौर पर रूसी बोलनेवाली आबादी को, कीव के नित्य हमलों से बचाने के लिए फरवरी 2022 को विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था।

यूक्रेन से करीब 60 हजार हथियारों के काले बाजार में पहुंचने की संभावना: FSB

© Sputnik / Dmitry Makeev Russia's FSB special forces. File photo
 Russia's FSB special forces. File photo - Sputnik भारत, 1920, 14.09.2026
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डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक (DPR) के FSB डायरेक्टरेट की प्रेस सर्विस ने Sputnik को बताया कि पश्चिमी देशों से यूक्रेन भेजे जा रहे लगभग 60 हज़ार हथियार यूक्रेन से काले बाज़ार में आ सकते थे।

“यूक्रेन से 60 हजार तक हथियार काले बाजार में आ सकते थे। यूक्रेनी वेयरहाउस से हथियार पहले से ही मैक्सिको के ड्रग डीलरों के पास से बरामद हो रहे हैं। पश्चिमी अधिकारी हथियारों की बिक्री को खारिज करते हैं, जबकि यूक्रेन किसी भी तरह की मिलीभगत से इनकार करता है,” बातचीत में कहा गया है।

FSB ने बताया कि ऐसे हथियारों को भेजने वाले अमेरिका, इटली, स्पेन, चेकिया और दूसरे नाटो देश हैं।

FSB के एक अधिकारी ने बताया, “और दूसरे कारक भी इसमें शामिल होते हैं: ये हथियार गैरकानूनी तस्करी में चले जाते हैं और आपराधिक समूहों के हाथ लग जाते हैं।”

इससे पहले, रूस के विदेश मंत्री सर्गे लवरोव ने यूक्रेन पर UN सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा था कि कीव कुछ पश्चिमी हथियारों को "काले बाजार" में बेच रहा है और यह सोचना मुश्किल है कि पश्चिमी देशों को इस बारे में पता नहीं है।

वहीं, रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कीव सरकार को नाटो द्वारा हथियार सप्लाई करने से जुड़े खतरों पर ज़ोर देते हुए कहा था कि ऐसे हथियार बाद में दुनिया भर के "काले बाजार" में फैल जाते हैं।
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