रूसी वैज्ञानिकों ने विकसित किया स्मार्ट द्रव, जो नरम से कठोर अवस्था में बदल सकता है

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रूसी विज्ञान अकादमी के कई संस्थानों और मास्को के राजकीय विश्वविद्यालय के रूसी वैज्ञानिकों ने अधिक स्थिर मैग्नेटोरियोलॉजिकल द्रव विकसित किया है, जो चुंबकीय क्षेत्र के प्रभाव में तुरंत अपनी कठोरता बदल सकता है। इससे अनुकूली मशीनों और सॉफ्ट रोबोटिक्स के लिए नई संभावनाएं खुल सकती हैं।
यह पदार्थ सिलिकॉन में निलंबित लोहे के सूक्ष्म कणों से बना है। चुंबकीय क्षेत्र के संपर्क में आने पर ये कण एक दिशा में व्यवस्थित हो जाते हैं और द्रव को ठोस जैसी अवस्था में बदल देते हैं।
वैज्ञानिकों ने लोहे के कणों पर सिलिका (SiO₂) की पतली परत चढ़ाकर एक बड़ी समस्या को हल कर दिया है। इससे कण आपस में चिपकने या समय के साथ नीचे बैठने से बच जाते हैं।
1 टेस्ला तक के चुंबकीय क्षेत्रों में किए गए परीक्षणों से पता चला कि द्रव का गाढ़ापन और लचीलापन कई गुना बढ़ सकते हैं, जिससे इसकी कठोरता को सटीक तरीके से नियंत्रित करना संभव होता है।
यह तकनीक सॉफ्ट रोबोट, अनुकूली शॉक एब्जॉर्बर और ऐसी अन्य स्मार्ट प्रणालियों के विकास में मदद कर सकती है, जो अपनी कठोरता को स्वतः समायोजित करती हैं। इस खोज से ऐसे स्मार्ट पदार्थ बनाने का रास्ता साफ होगा, जो कृत्रिम मांसपेशियों की तरह काम करेंगे। ये जरूरत पड़ने पर पानी की तरह लचीले और पलक झपकते ही ठोस की तरह मजबूत हो सकेंगे।

