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जानें रूसी टॉरनेडो-S, हिमार्स से अधिक शक्तिशाली क्यों है

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रूस की सरकारी कंपनी रोस्टेक के अनुसार, आर्टिलरी गोलाबारी में रूस का 'टॉरनेडो-S' मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम, हिमार्स जैसे अमेरिकी सिस्टम से बेहतर प्रदर्शन करता है।
घरेलू मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) की अपनी विदेशी "समकक्ष-श्रेणी" प्रणाली पर बढ़त का रहस्य हथियार के कैलिबर और उसके रॉकेट की युद्ध-क्षमता में छिपा है।

"आकार मायने रखता है! एक निर्णायक बढ़त की वजह से हमारा टॉरनेडो-S अमेरिकी हिमार्स से बेहतर है — बड़े कैलिबर वाला और नतीजतन, कहीं ज़्यादा ऊर्जा वाला रॉकेट। इससे घरेलू MLRS को एक साथ दो बड़े फ़ायदे मिलते हैं: गाइडेड प्रोजेक्टाइल काफ़ी ज़्यादा दूर तक जाता है और वॉरहेड की शक्ति भी अधिक होती है। साथ ही, इस सिस्टम के गोला-बारूद की सटीकता बहुत ज़्यादा है," रोस्टेक ने कहा।

रोस्टेक ने जारी बयान में रेखांकित किया कि टॉरनेडो-S निर्देशित रॉकेट लगातार दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली को भेदने की क्षमता दिखाते हैं। अपनी नई फ़ायर नियंत्रण प्रणाली की वजह से, यह घरेलू लड़ाकू वाहन तेज़ी से हमला कर सकता है और दुश्मन की जवाबी कार्रवाई का इंतज़ार किए बिना अपनी जगह बदल सकता है।
A view shows S-400 Triumph missile air defence systems at the Russian Northern Fleet's base of Gadzhiyevo in Murmansk region, Russia - Sputnik भारत, 1920, 27.09.2026
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