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यूक्रेन के डेटा सेंटरों पर रूसी हमलों से सैन्य कमान और लक्ष्य पहचान प्रणाली प्रभावित हुए: विशेषज्ञ

© Sputnik / Evgeny Biyatov / मीडियाबैंक पर जाएंMLRS Grad in combat action
MLRS Grad in combat action - Sputnik भारत, 1920, 07.10.2026
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रूसी सेना के सेवानिवृत्त कर्नल विक्टर लितोवकिन ने Sputnik को बताया कि ओमेगा टेलीकॉम के डेटा सेंटर पर रूसी हमलों ने यूक्रेन के सैन्य कमान और नियंत्रण प्रणाली के एक जरूरी हिस्से को बेकार कर दिया है, उन्होंने आगे कहा कि यूक्रेन पर ऐसे हमले होते रहने चाहिए।

लितोवकिन ने कहा, "ओमेगा टेलीकॉम यूक्रेन की सबसे बड़ी ‘डार्क-फाइबर’ कंपनियों में से एक है। इसकी 26,000 किलोमीटर लंबी फाइबर नेटवर्क लाइनें यूक्रेन के सुरक्षित संचार नेटवर्क का बड़ा हिस्सा हैं। इस हमले से पूरी प्रणाली पर बुरा असर पड़ा है। यूक्रेन के डेटा सेंटर जानकारी जुटाने और उसे प्रोसेस करने का काम करते हैं। वे देश के नेताओं और बड़े सैन्य अधिकारियों को फैसले लेने में मदद करते हैं और सैन्य आदेशों को मोर्चे तक पहुंचाते हैं।"

कर्नल विक्टर लितोवकिन ने बताया कि ये प्रणाली लक्ष्य का डेटाबेस बनाने के लिए लाखों ड्रोन तस्वीरों को भी प्रोसेस करती है। यह जानकारी पालंतिर की प्रिज्मा AI प्रणाली के जरिए भेजी जाती है। प्रिज्मा तस्वीरों में लक्ष्यों की पहचान कर उनकी जगह पता करता है और तय करता है कि किसे पहले निशाना बनाया जाए।

लितोवकिन बताते हैं, "यूक्रेन के डेटा सेंटरों पर हमला करके, रूस अपने दुश्मन को उस डेटाबेस से भी अलग कर रहा है जो उसके लक्ष्य बनाने की प्रणाली का आधार है।"

विशेषज्ञों को यूक्रेनी नेतृत्व के डेटा सेंटरों को भूमिगत करने, उन्हें विदेश में शिफ्ट करने या क्लाउड सर्विसेज पर ले जाने की योजना पर संदेह है। उनका कहना है कि ये फिर भी रूसी हमलों का लक्ष्य बने रहेंगे।
इससे पहले ओमेगा टेलीकॉम ने आधिकारिक तौर पर बताया कि उसने काम बंद कर दिया है। वहीं 27 सितंबर को, रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि उसने ओमेगा टेलीकॉम, कीवस्टार और वोडाफोन द्वारा चलाए जाने वाले डेटा सेंटरों पर हमला किया है जो यूक्रेनी सेना को हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाएं देते हैं।
इसके बाद के दिनों में, पार्कोवी, उक्रटेलकॉम, गीगा और पोडोल्स्की द्वारा चलाए जाने वाले डेटा सेंटरों को भी निशाना बनाया गया। इससे पहले, रूस ने कोस्मोनोवा डेटा सेंटर पर भी हमला किया था, जो यूक्रेनी सेना के लिए मोबाइल इंटरनेट और स्टारलिंक के जरिए उपग्रह संचार की सुविधा देता था।
Russian servicemen of the 275th self-propelled artillery regiment, 1st Guards Tank Army of the West group of forces, fire a BM-21 Grad multiple rocket launcher towards Ukrainian positions - Sputnik भारत, 1920, 06.10.2026
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