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समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत, नौसेना को मिलेगा दुश्मन की पनडुब्बियों का नया शिकारी

© Photo : @Indian NavyThe anti-submarine warfare vessel Mangrol, set to join the Indian Navy on October 12.
The anti-submarine warfare vessel Mangrol, set to join the Indian Navy on October 12. - Sputnik भारत, 1920, 09.10.2026
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उथले पानी में शत्रु की पनडुब्बियों का शिकार करने वाला तीसरा स्वदेशी पोत, यानी एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) मांग्रोल, 12 अक्टूबर को भारतीय नौसेना में शामिल होने के लिए तैयार है। केरल के कोच्चि स्थित कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड में बना यह युद्धपोत मुंबई में समारोहपूर्वक भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा।
80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी हिस्से-पुर्ज़ों से बना मांग्रोल भारत की युद्धपोत डिज़ाइन करने और उनमें अत्याधुनिक अस्त्र और सेंसर लगाने की बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित करता है। इसे तटवर्ती और कम गहरे समुद्र में शत्रु की किसी कार्रवाई का पता लगाने और उसे निष्प्रभावी करने के लिए बनाया गया है।
मांग्रोल में आधुनिक अस्त्र और सेंसर लगे हैं, जिनमें पोत पर लगा स्वदेशी अभय सोनार, हल्के टारपीडो, स्वदेशी पनडुब्बी रोधी रॉकेट लॉन्चर के अतिरिक्त मारीच टारपीडो डेकोय प्रणाली शामिल हैं। यह वाटरजेट प्रोपल्शन की सहायता से कम गहरे पानी में तेज़ी से चल सकता है। यह समुद्र के अंदर चौकसी रख सकता है, बारूदी सुरंगों से जुड़े काम कर सकता है और कम तीव्रता वाले नौसैनिक अभियान भी कर सकता है।
मांग्रोल कम गहरे समुद्र में भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी कार्रवाइयों की क्षमता को बढ़ाएगा, जहां बड़े पोतों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह पोत समुद्री गश्ती नौकाओं, हेलीकॉप्टरों और दूसरे पोतों के साथ मिलकर पनडुब्बी रोधी कार्रवाइयों में भाग ले सकता है।
India's supersonic Brahmos cruise missiles pass during a full dress rehearsal of a Republic Day parade in New Delhi, India, Thursday, Jan. 23, 2003. The Brahmos missile will be displayed for the first time on the 55th Indian Republic Day on Jan. 26. The missile is being developed jointly by Russian and Indian scientists. Brahmos missile can hit underwater and overland targets located between 100 to 300 kilometers (60 to 180 miles) away and is expected to be inducted into the Indian Navy by 2004. (AP Photo/Ajit Kumar) - Sputnik भारत, 1920, 06.10.2026
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