डिफेंस
भारतीय सेना, इसके देशी और विदेशी भागीदारों और प्रतिद्वन्द्वियों की गरमा गरम खबरें।

तेजस मार्क-2 की पहली उड़ान अगले वर्ष की तीसरी तिमाही में होगी: एचएएल प्रमुख

© Photo : HALHAL Chairman and Managing Director Ravi K. with a Tejas fighter aircraft in the background.
HAL Chairman and Managing Director Ravi K. with a Tejas fighter aircraft in the background. - Sputnik भारत, 1920, 10.10.2026
सब्सक्राइब करें
भारत के स्वदेशी आधुनिक लड़ाकू विमान तेजस मार्क-2 की पहली उड़ान अगले वर्ष सितंबर में होने की संभावना है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रवि के. ने Sputnik से विशेष बातचीत में कहा कि बहुप्रतीक्षित तेजस मार्क-1ए अपने उत्पादन के अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
रवि ने बताया कि तेजस मार्क-2 का मुख्य काम हवाई श्रेष्ठता हासिल करना और शत्रु के ज़मीनी ठिकानों पर हमला करना होगा, लेकिन यह टोही कार्यों में भी सक्षम होगा। उन्होंने कहा, "यह मिराज-2000, जगुआर और मिग-29 जैसे प्रमुख लड़ाकू विमानों का स्थान लेगा। इसका एयरोडायनामिक डिज़ाइन सर्वश्रेष्ठ है। इसे ज्यादा घातक बनाया गया है और अधिक भार वाले हथियार ले जाने की क्षमता दी गई है।"
उन्होंने कहा, "इसमें AESA रडार, शत्रु के संचार को जाम करने वाला इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट, अन्य संचार प्रणालियों के साथ मिलकर काम करने की क्षमता, इंफ्रारेड सर्च एंड ट्रैक प्रणाली और शत्रु की मिसाइलों की चेतावनी देने वाली आधुनिक प्रणालियां लगाई गई हैं। यह चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों से बेहतर जेट है।"
उन्होंने जानकारी दी कि तेजस मार्क-2 का पहला प्रोटोटाइप इस समय HAL में निर्माणाधीन है। इसके इंजन का ज़मीन पर परीक्षण अगले वर्ष मार्च में होगा और अगले वर्ष की तीसरी तिमाही में इसकी पहली उड़ान होगी।
नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में भी HAL बड़े पैमाने पर उतरने के लिए तैयार है। रवि ने स्पुतनिक को बताया कि रूसी विमान निर्माता कंपनी यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) के साथ रूसी नागरिक विमान SJ-100 के भारत में उत्पादन को लेकर चर्चा आगे बढ़ चुकी है।
रवि ने बताया, "पिछले वर्ष अक्टूबर में इस विमान के भारत में उत्पादन के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। जनवरी 2026 में हैदराबाद में हुए विंग्स इंडिया में दोनों देशों ने SJ-100 को संयुक्त रूप से प्रदर्शित किया था और टीमिंग दस्तावेज़ पर भी हस्ताक्षर हुए थे। इसके उत्पादन के लिए आगे बातचीत चल रही है।"
उन्होंने यह जानकारी भी दी कि 5.5 टन भार वाले उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ध्रुव और 3 टन भार वाले हल्के हेलीकॉप्टर LUH को नागरिक उड्डयन सेवाओं के लिए तैयार किया जा रहा है।
न्यूज़ फ़ीड
0
loader
चैट्स
Заголовок открываемого материала