https://hindi.sputniknews.in/20261012/bhaarit-ne-ai-aadhaariit-dvaa-kii-khoj-ke-lie-chaari-snbhaavit-dvaaon-hetu-86-kriod-kii-mdd-dii-12555363.html
भारत ने AI आधारित दवा की खोज के लिए चार संभावित दवाओं हेतु ₹86 करोड़ की मदद दी
भारत ने AI आधारित दवा की खोज के लिए चार संभावित दवाओं हेतु ₹86 करोड़ की मदद दी
Sputnik भारत
भारत सरकार के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने AI आधारित दवा की खोज और विकास के लिए 86 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने के लिए बेंगलुरु की पेप्ट्रिस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है।
2026-10-12T14:41+0530
2026-10-12T14:41+0530
2026-10-12T14:41+0530
विश्व
भारत
आत्मनिर्भर भारत
भारत का विकास
भारत सरकार
दिल्ली
नरेन्द्र मोदी
artificial intelligence (ai)
open ai
कृत्रिम बुद्धि
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e7/0c/15/5909888_0:0:3072:1728_1920x0_80_0_0_829ff50877d4571a09ce2b320f343858.jpg
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत आने वाले प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने AI आधारित दवा की खोज और विकास के लिए 86 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने के लिए बेंगलुरु की पेप्ट्रिस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है।यह प्रोग्राम पेप्ट्रिस की AI तकनीक की मदद से खोजी गई दवाओं को विकसित करने और उनकी जाँच करने का काम करेगा। इसमें प्रयोगशाला में दवाओं की जाँच, उनके असर और सुरक्षा का अध्ययन तथा क्लिनिकल ट्रायल की तैयारी शामिल है।इसके लिए सरकार के रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) फंड से आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह पैसा ऐसे कर्ज़ के रूप में होगा, जिसे तय शर्तों के अनुसार आगे चलकर कंपनी के शेयरों में बदला जा सकता है।TDB के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दवा अनुसंधान के तरीके को बदल सकती है। हालांकि, किसी अच्छी खोज को संभावित दवा में बदलने के लिए लगातार निवेश और वैज्ञानिक जाँच की ज़रूरत होती है।
भारत
दिल्ली
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
2026
धीरेंद्र प्रताप सिंह
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg
धीरेंद्र प्रताप सिंह
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg
खबरें
hi_IN
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e7/0c/15/5909888_0:0:2732:2048_1920x0_80_0_0_9bb4b06b8242a5b4c5c194587e790f7d.jpgSputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
धीरेंद्र प्रताप सिंह
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg
भारत, आत्मनिर्भर भारत, भारत का विकास, भारत सरकार, दिल्ली , नरेन्द्र मोदी, artificial intelligence (ai), open ai, कृत्रिम बुद्धि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, दवाइयाँ
भारत, आत्मनिर्भर भारत, भारत का विकास, भारत सरकार, दिल्ली , नरेन्द्र मोदी, artificial intelligence (ai), open ai, कृत्रिम बुद्धि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, दवाइयाँ
भारत ने AI आधारित दवा की खोज के लिए चार संभावित दवाओं हेतु ₹86 करोड़ की मदद दी
इस साझेदारी का उद्देश्य संभावित दवाओं के विकास में तेजी लाना और AI की मदद से किए गए शोध को नई दवाओं के विकास तक पहुंचाना है। इससे उन बीमारियों के लिए नए इलाज विकसित करने में मदद मिल सकती है, जिनके प्रभावी उपचार के विकल्प अभी सीमित हैं।
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत आने वाले प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने AI आधारित दवा की खोज और विकास के लिए 86 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने के लिए बेंगलुरु की पेप्ट्रिस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है।
इस परियोजना का नाम VIGOR है, जिसका उद्देश्य AI से खोजे गए अणुओं को प्रयोगशाला से क्लिनिकल विकास तक आगे बढ़ाना है। इसकी कुल लागत ₹172 करोड़ है। इसका लक्ष्य तीन वर्षों में चार संभावित दवाओं को प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (TRL)-4 से TRL-6 तक पहुँचाना है। इससे दवाओं के क्लिनिकल परीक्षणों की तैयारी से पहले के विकास और मूल्यांकन में मदद मिलेगी।
यह प्रोग्राम पेप्ट्रिस की AI तकनीक की मदद से खोजी गई दवाओं को विकसित करने और उनकी जाँच करने का काम करेगा। इसमें प्रयोगशाला में दवाओं की जाँच, उनके असर और सुरक्षा का अध्ययन तथा क्लिनिकल ट्रायल की तैयारी शामिल है।
इसके लिए सरकार के रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) फंड से आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह पैसा ऐसे कर्ज़ के रूप में होगा, जिसे तय शर्तों के अनुसार आगे चलकर कंपनी के शेयरों में बदला जा सकता है।
TDB के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दवा अनुसंधान के तरीके को बदल सकती है। हालांकि, किसी अच्छी खोज को संभावित दवा में बदलने के लिए लगातार निवेश और वैज्ञानिक जाँच की ज़रूरत होती है।
उन्होंने कहा कि RDI फंड का उद्देश्य नई खोजों को दवाओं के विकास और क्लिनिकल ट्रायल तक पहुँचाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। इससे भारत में जैव प्रौद्योगिकी, दवा निर्माण और AI की मदद से स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।