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INS मांग्रोल भारतीय नौसेना में शामिल, तटवर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और दृढ़

© Photo : @Indian NavyThe anti-submarine warfare vessel Mangrol, set to join the Indian Navy on October 12.
The anti-submarine warfare vessel Mangrol, set to join the Indian Navy on October 12. - Sputnik भारत, 1920, 12.10.2026
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कम गहरे समुद्र में शत्रु की पनडुब्बियों को तलाश कर उन्हें नष्ट करने वाला माहे श्रेणी का तीसरा युद्धपोत आईएनएस मांग्रोल भारतीय नौसेना में शामिल हो गया। यह एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है।
मुंबई में हुए समारोह में भारतीय नौसेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल संजय वास्त्यायन ने इस आधुनिक युद्धपोत को भारतीय नौसेना में शामिल किया। अब आईएनएस मांग्रोल अरब सागर और हिंद महासागर के तटवर्ती क्षेत्रों में भारतीय समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा।
मांग्रोल को तटवर्ती और कम गहरे समुद्र में शत्रु की पनडुब्बियों की पहचान करने और समुद्र के भीतर से आने वाले किसी आक्रमण को विफल करने के लिए अत्याधुनिक अस्त्रों और सेंसरों से सज्जित किया गया है। इसमें स्वदेशी अभय सोनार, हल्के टारपीडो, स्वदेशी पनडुब्बी रोधी रॉकेट लॉन्चर और शत्रु के टारपीडो को भ्रमित करने वाली मारीच प्रणाली लगाई गई है।
वाटरजेट प्रोपल्शन वाले तीन डीज़ल इंजन इसे उथले पानी में 25 समुद्री मील प्रति घंटे की गति देते हैं और इसमें 57 नौसैनिक तैनात हो सकते हैं। यह समुद्र के अंदर चौकसी करने के अतिरिक्त कम तीव्रता वाले समुद्री अभियान भी कर सकता है।
भारत को शत्रु की पनडुब्बियों के तटीय क्षेत्रों के पास आकर बंदरगाहों और नगरों को क्षति पहुंचाने का भी खतरा है। यह युद्धपोत समुद्र में गश्त लगाने वाले विमानों, हेलीकॉप्टरों और अन्य युद्धपोतों के साथ तालमेल बनाकर इस खतरे का सामना करेगा।
भारतीय नौसेना अरब सागर, हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी से लगी भारत के कई राज्यों की तटरेखा की सुरक्षा के अतिरिक्त प्राकृतिक आपदाओं में तटवर्ती इलाक़ों में राहत और बचाव के कार्य भी करती है। 2008 में मुंबई पर समुद्र के रास्ते आए आतंकवादियों द्वारा किए गए भीषण हमले के बाद समुद्री सीमा की सुरक्षा और चौकसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
कम भार के कारण ये युद्धपोत आसानी से तटों के पास जाकर भी कार्रवाई कर सकते हैं। भारत शत्रु की पनडुब्बियों को नष्ट करने वाले 16 युद्धपोत बना रहा है, जिनमें से अरनाला श्रेणी के 8 युद्धपोतों का निर्माण कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) और माहे श्रेणी के 8 युद्धपोतों का निर्माण कोच्चि स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में चल रहा है। अरनाला श्रेणी के 4 और माहे श्रेणी के 3 युद्धपोत अब तक भारतीय नौसेना में शामिल हो चुके हैं।
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