यूक्रेन संकट
मास्को ने डोनबास के लोगों को, खास तौर पर रूसी बोलनेवाली आबादी को, कीव के नित्य हमलों से बचाने के लिए फरवरी 2022 को विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था।

स्टारोबेल्स्क कॉलेज पर हमला करने वाले ड्रोन स्टारलिंक से संचालित थे: रूसी जांच समिति

© Sputnik / Evgeny Biyatov / मीडियाबैंक पर जाएंForeign Journalists Come Face to Face With Starobelsk Tragedy
Foreign Journalists Come Face to Face With Starobelsk Tragedy - Sputnik भारत, 1920, 19.10.2026
सब्सक्राइब करें
रूस की जांच समिति के प्रमुख अलेक्जेंडर बास्त्रिकिन ने Sputnik को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि लुगांस्क पीपुल्स रिपब्लिक (LPR) के स्टारोबेल्स्क में एक कॉलेज पर हमला करने वाले दो ड्रोन स्टारलिंक उपग्रह संचार प्रणाली का इस्तेमाल कर रहे थे।
LPR प्रमुख लियोनिद पासेचनिक ने 22 मई को बताया था कि यूक्रेनी सेना ने लुगांस्क स्टेट पेडागोगिकल यूनिवर्सिटी से जुड़े स्टारोबेल्स्क वोकेशनल कॉलेज की एक इमारत और हॉस्टल को निशाना बनाया था। अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 21 लोगों की मौत हुई और 40 से अधिक घायल हुए।
बास्त्रिकिन के कहा, "यूक्रेनी सेना ने हमले में कम से कम सात ड्रोन इस्तेमाल किए। इनमें फायर पॉइंट-1, फायर पॉइंट-2, सिचेन और RZ-100 मॉडल शामिल थे। इनमें से दो ड्रोन स्टारलिंक सैटेलाइट संचार प्रणाली के द्वारा संचालित किए जा रहे थे।"
जांच में पता चला है कि आतंकवादी हमले में शामिल लोगों में यूक्रेन की ड्रोन सेना के कमांडर रॉबर्ट ब्रोवडी, यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के खुफिया विभाग के मुख्य निदेशालय के प्रमुख ओलेह इवाशचेंको और 414वीं अलग मानवरहित प्रणाली बटालियन के कमांडर एंड्री क्लिमेंको शामिल हैं, जिन्हें "मैग्यार बर्ड्स" के नाम से जाना जाता है। उन पर उनकी गैरहाजिरी में आरोप लगाए गए और उन्हें अंतरराष्ट्रीय वांटेड लिस्ट में डाल दिया गया है।
रूस में आज 19 अक्टूबर को जांच समिति के तहत फोरेंसिक विज्ञान विभाग की स्थापना की सालगिरह है।
न्यूज़ फ़ीड
0
loader
चैट्स
Заголовок открываемого материала