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PM मोदी से मिले रूसी संसद के अध्यक्ष वोलोदीन, सौंपा पुतिन का संदेश
PM मोदी से मिले रूसी संसद के अध्यक्ष वोलोदीन, सौंपा पुतिन का संदेश
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रूसी संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदीन ने सोमवार को नई दिल्ली में 12वें BRICS संसदीय मंच के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
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स्टेट ड्यूमा के मुताबिक, वोलोदीन ने मोदी को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं और संदेश दिया। वोलोदीन ने कहा कि आपसी विश्वास भारत और रूस की मित्रता का आधार है तथा दोनों देशों ने सम्मान और दोहरे मानकों से मुक्त सहयोग का मॉडल विकसित किया है।बहुध्रुवीय विश्व की प्रमुख ताकत बना BRICSमंच के पहले पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए वोलोदीन ने BRICS को उभरती बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के प्रमुख स्तंभों में से एक बताया।उन्होंने बताया कि BRICS देशों के बीच आपसी व्यापार 1.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। सदस्य देशों की वैश्विक निर्यात में हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत और विश्व सकल घरेलू उत्पाद में योगदान करीब 40 प्रतिशत है।वैश्विक चुनौतियों के साझा समाधान खोजने का आह्वानवोलोदीन के मुताबिक, बदलती अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के बीच BRICS देशों को वैश्विक चुनौतियों के साझा जवाब मिलकर तलाशने चाहिए।उन्होंने सुरक्षा, लोगों के जीवन की गुणवत्ता, राष्ट्रीय संप्रभुता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े विषयों पर BRICS देशों की संसदीय समितियों के बीच सीधा सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर विशेषज्ञ परिषद बनाने का प्रस्ताववोलोदीन ने BRICS के संसदीय ढांचे के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक विशेषज्ञ परिषद स्थापित करने का भी सुझाव दिया।उनके अनुसार, परिषद में सदस्य देशों के विशेषज्ञों को शामिल करने से कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित सर्वोत्तम विधायी प्रथाओं को साझा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह तकनीक नई संभावनाओं के साथ वर्तमान समय की गंभीर चुनौतियां भी लेकर आई है।12वें BRICS संसदीय मंच का मुख्य विषय जन-केंद्रित विकास सुनिश्चित करने में संसदों की भूमिका को मजबूत करना है। वर्ष 2026 में भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है।
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भारत, रूस , नरेन्द्र मोदी, व्लादिमीर पुतिन, ब्रिक्स
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PM मोदी से मिले रूसी संसद के अध्यक्ष वोलोदीन, सौंपा पुतिन का संदेश
13:16 26.10.2026 (अपडेटेड: 13:19 26.10.2026) रूसी संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदीन ने सोमवार को नई दिल्ली में 12वें BRICS संसदीय मंच के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
स्टेट ड्यूमा के मुताबिक, वोलोदीन ने मोदी को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं और संदेश दिया। वोलोदीन ने कहा कि आपसी विश्वास भारत और रूस की मित्रता का आधार है तथा दोनों देशों ने सम्मान और दोहरे मानकों से मुक्त सहयोग का मॉडल विकसित किया है।
बहुध्रुवीय विश्व की प्रमुख ताकत बना BRICS
मंच के पहले पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए वोलोदीन ने BRICS को उभरती बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के प्रमुख स्तंभों में से एक बताया।
वोलोदीन ने कहा, "अपने अस्तित्व के 20 वर्षों में BRICS समानता और पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के सिद्धांतों पर आधारित बहुध्रुवीय और न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था का एक प्रमुख आधार बन गया है।"
उन्होंने बताया कि BRICS देशों के बीच आपसी व्यापार 1.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। सदस्य देशों की वैश्विक निर्यात में हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत और विश्व सकल घरेलू उत्पाद में योगदान करीब 40 प्रतिशत है।
वैश्विक चुनौतियों के साझा समाधान खोजने का आह्वान
वोलोदीन के मुताबिक, बदलती अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के बीच BRICS देशों को वैश्विक चुनौतियों के साझा जवाब मिलकर तलाशने चाहिए।
उन्होंने कहा, "वार्षिक संसदीय मंच अनुभव और सर्वोत्तम विधायी प्रथाओं के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करते हैं।"
उन्होंने सुरक्षा, लोगों के जीवन की गुणवत्ता, राष्ट्रीय संप्रभुता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े विषयों पर BRICS देशों की संसदीय समितियों के बीच सीधा सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर विशेषज्ञ परिषद बनाने का प्रस्ताव
वोलोदीन ने BRICS के संसदीय ढांचे के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक विशेषज्ञ परिषद स्थापित करने का भी सुझाव दिया।
उनके अनुसार, परिषद में सदस्य देशों के विशेषज्ञों को शामिल करने से कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित सर्वोत्तम विधायी प्रथाओं को साझा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह तकनीक नई संभावनाओं के साथ वर्तमान समय की गंभीर चुनौतियां भी लेकर आई है।
12वें BRICS संसदीय मंच का मुख्य विषय जन-केंद्रित विकास सुनिश्चित करने में संसदों की भूमिका को मजबूत करना है। वर्ष 2026 में भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है।