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समुद्र में मजबूत होगी भारत की सुरक्षा, नई पीढ़ी के गश्ती पोत 'सृष्टि' का जलावतरण

© Photo : Goa Shipyard Limited Можно так: Next-generation offshore patrol vessel Srishti at Goa Shipyard
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Next-generation offshore patrol vessel Srishti at Goa Shipyard - Sputnik भारत, 1920, 27.10.2026
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गोवा शिपयार्ड में 27 अक्टूबर को अगली पीढ़ी के गश्ती युद्धपोत भानौपो सृष्टि का जलावतरण किया गया है। भानौपो सृष्टि चौथा युद्धपोत है जिसका जलावतरण किया गया है। ऐसे कुल 11 युद्धपोतों का निर्माण गोवा शिपयार्ड के अतिरिक्त कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स में किया जा रहा है।
इन सभी का जलावतरण इसी वर्ष हुआ है और 2027 तक इनमें से पहला पोत नौसेना को मिलने की संभावना है। ये सभी युद्धपोत नौसेना की युद्धक्षमता में वृद्धि करने के साथ-साथ समुद्री डाकुओं, तस्करों, अवैध मछली पकड़ने वालों और घुसपैठियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए बनाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त इनकी भूमिका खोज और बचाव तथा मानवीय सहायता पहुंचाने की भी है।
इन युद्धपोतों का भार 3000 टन है और ये 113 मीटर लंबे हैं। इनकी अधिकतम गति 25 समुद्री मील या 46 किमी प्रति घंटा है। ये युद्धपोत एक बार में 8500 समुद्री मील या 15700 किमी की यात्रा कर सकते हैं और 60 दिन से ज्यादा समय तक समुद्र में रह सकते हैं। इनमें एक साथ 20 अधिकारी और 130 नौसैनिक तैनात किए जा सकते हैं। इस युद्धपोत में 4 महिला नौसैनिक अधिकारी भी तैनात की जा सकती हैं।
इन युद्धपोतों को बड़े नौसैनिक अभियानों के लिए नहीं बनाया गया है, इसलिए इनमें लंबी दूरी की मिसाइलें नहीं हैं। इनका मुख्य शस्त्र 76 मिमी की ओटो मेलारा समुद्री तोप है, जो 16 से 20 किमी तक भारी गोलाबारी कर सकती है। इसके अतिरिक्त दो एक-630 नौसैनिक तोपें भी लगाई गई हैं, जो 4 से 5 किमी तक किसी हवाई हमले या शत्रु के पोत पर ऑटोमैटिक फायर कर सकती हैं।
शत्रु के हवाई आक्रमण से बचाव के लिए बहुत कम दूरी की मिसाइलों के साथ-साथ टारपीडो और मिसाइल हमले को धोखा देने वाली प्रणालियां भी इन युद्धपोतों में लगाई गई हैं। इनमें एक हेलीकॉप्टर या मानवरहित विमान भी तैनात किया जा सकता है। इन युद्धपोतों से भारत की समुद्री सीमा के पास अरब सागर, हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
A vehicle mounted Brahmos missiles is displayed at the Republic Day parade rehearsal in the backdrop of the India Gate war memorial in New Delhi, India, Friday, Jan. 23, 2009. - Sputnik भारत, 1920, 26.10.2026
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