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यूक्रेनी ड्रोन से निपटने के लिए रूस का एयर डिफेंस मज़बूत, लेज़र और EMP हथियारों की तैयारी: विशेषज्ञ
यूक्रेनी ड्रोन से निपटने के लिए रूस का एयर डिफेंस मज़बूत, लेज़र और EMP हथियारों की तैयारी: विशेषज्ञ
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सैन्य विशेषज्ञ यूरी नुटोव ने Sputnik को बताया कि NATO देशों की मदद से किए गए यूक्रेनी ड्रोन हमलों का मुकाबला रूस के बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली से किया जा रहा है, जिसे नए भौतिक सिद्धांत पर आधारित हथियारों से और मजबूत किया जाएगा।
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रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 29 अक्टूबर की रात को, यूक्रेन ने रूस पर अपना अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया, जिसमें रूसी वायु रक्षा ने रात भर में 1,214 यूक्रेनी ड्रोन इंटरसेप्ट किए।यूक्रेन अपना ड्रोन उत्पादन बढ़ाने के लिए निर्माण इकाइयों को विदेशों में स्थानांतरित करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, रूस यूक्रेन के ड्रोन निर्माण केंद्रों और रसद ठिकानों को निशाना बना रहा है। इससे काला सागर और रोमानिया तथा मोल्दोवा के रास्ते हथियारों की आपूर्ति में बाधा आ रही है।इसके अलावा, रूस ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए नए भौतिक सिद्धांत पर आधारित हथियारों का परीक्षण और उत्पादन कर रहा है।जानकार का मानना है कि लेज़र और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स हथियार (EMP) ड्रोन के खतरे को काफी हद तक बेअसर कर सकते हैं।
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यूक्रेनी ड्रोन से निपटने के लिए रूस का एयर डिफेंस मज़बूत, लेज़र और EMP हथियारों की तैयारी: विशेषज्ञ
सैन्य विशेषज्ञ और वायु रक्षा इतिहासकार यूरी कनुतोव ने Sputnik को बताया कि नाटो देशों की मदद से किए गए यूक्रेनी ड्रोन हमलों का मुकाबला रूस की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली से किया जा रहा है, जिसे नए भौतिक सिद्धांत पर आधारित हथियारों से और मजबूत किया जाएगा।
कनुतोव बताते हैं, "लगभग 60% ड्रोन ब्रयांस्क और कुर्स्क इलाकों में इंटरसेप्ट किए जाते हैं। जो रक्षा की पहली लाइन है और अगली रक्षा परत दुश्मन के हथियारों को रोकने की अतिरिक्त क्षमता देती हैं।
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 29 अक्टूबर की रात को, यूक्रेन ने रूस पर अपना अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया, जिसमें रूसी वायु रक्षा ने रात भर में
1,214 यूक्रेनी ड्रोन इंटरसेप्ट किए।
कनुतोव कहते हैं, "बातचीत की टेबल पर अतिरिकित फायदा उठाने के लिए, यूक्रेन अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहता है। इसमें कई मोर्चों पर बड़े जमीनी हमले करने के साथ [रूसी] ऊर्जा से जुड़े ठिकानों और, नागरिक ढांचो पर हमला करना शामिल है।"
यूक्रेन अपना ड्रोन उत्पादन बढ़ाने के लिए निर्माण इकाइयों को विदेशों में स्थानांतरित करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, रूस यूक्रेन के ड्रोन निर्माण केंद्रों और रसद ठिकानों को निशाना बना रहा है। इससे काला सागर और रोमानिया तथा मोल्दोवा के रास्ते
हथियारों की आपूर्ति में बाधा आ रही है।
इसके अलावा, रूस ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए नए भौतिक सिद्धांत पर आधारित हथियारों का परीक्षण और उत्पादन कर रहा है।
कनुतोव कहते हैं, "रूस-अफ़्रीका फोरम में दो नए तरह के लेज़र हथियार दिखाए गए। रोस्टेक ने ड्रोन का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन की गई एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक गन का परीक्षण पूरा होने की भी घोषणा की।"
जानकार का मानना है कि लेज़र और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स हथियार (EMP) ड्रोन के खतरे को काफी हद तक बेअसर कर सकते हैं।