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भारतीय नौसेना ने दस्युओं से एक और पोत को सुरक्षित बचाया
भारतीय नौसेना ने दस्युओं से एक और पोत को सुरक्षित बचाया
Sputnik भारत
भारतीय नौसेना ने फुर्तीले और सामंजस्यपूर्ण अभियान में मछलीमार पोत अज़िनी को सशस्त्र समुद्री दस्युओं के चंगुल से मुक्त कराया है। इस अभियान में अज़िनी के सभी... 03.11.2026, Sputnik भारत
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मछलीमार पोत अज़िनी को सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास सशस्त्र दस्युसमूह ने पिछले महीने अपहृत कर लिया था। पोत में बंदी बनाए गए कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता थी। साथ ही आशंका थी कि अरब सागर के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों पर दूसरे पोतों पर आक्रमण के लिए इस पोत का इस्तेमाल अड्डे के तौर पर किया जा सकता था।सूचना प्राप्त होने पर भारतीय नौसेना ने अपने शक्तिशाली डिस्ट्रॉयर भानौपो कोलकाता को इस अभियान पर भेजा। यह युद्धपोत पहले ही समुद्री दस्युओं से सुरक्षा प्रदान करने के लिए उसी क्षेत्र में तैनात था। उसकी सहायता के लिए नौसैनिक टोही विमान को भी क्षेत्र में भेजा गया ताकि अपहृत पोत को कम समय में ढूंढ़ा जा सके। सामंजस्य के साथ काम करते हुए भानौपो कोलकाता और टोही विमान ने अपहृत पोत को तलाश कर लिया और उसकी गतिविधियों का ब्यौरा भी एकत्र कर लिया।अपहृत पोत के निकल भागने के सभी मार्गों को बंद करने के उपरांत मरीन कमांडो को भारतीय वायुसेना के विमान से अपहृत पोत तक पहुंचाया गया। कमांडो ने पोत पर सवार होकर सभी कर्मचारियों को मुक्त किया। भारतीय नौसेना को आता देख सभी समुद्री दस्यु पोत को छोड़कर पहले ही भाग चुके थे।इस सफल अभियान में 48 घंटे का समय लगा और इसमें अलग-अलग विमानों और पोतों ने सामंजस्य के साथ काम किया।भारतीय नौसेना अरब सागर के व्यापार मार्गों को समुद्री दस्युओं से सुरक्षित बनाने के लिए अपने प्रमुख युद्धपोतों को तैनात रखती है। इसके अतिरिक्त बंगाल की खाड़ी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी संकटग्रस्त पोतों की सहायता के लिए भारतीय नौसेना तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहती है। पिछले वर्षों में भारतीय नौसेना ने अलग-अलग देशों के कई व्यापारिक और मछलीमार पोतों को संकट से बचाया है।
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भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना, युद्धपोत, अरब सागर, समुद्री लुटेरे, बंगाल की खाड़ी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र
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भारतीय नौसेना ने दस्युओं से एक और पोत को सुरक्षित बचाया
भारतीय नौसेना ने फुर्तीले और सामंजस्यपूर्ण अभियान में मछलीमार पोत अज़िनी को सशस्त्र समुद्री दस्युओं के चंगुल से मुक्त कराया है। इस अभियान में अज़िनी के सभी कर्मियों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया है। अभियान में नौसेना के युद्धपोत के अतिरिक्त वायुयान भी सम्मिलित हुए।
मछलीमार पोत अज़िनी को सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास सशस्त्र दस्युसमूह ने पिछले महीने अपहृत कर लिया था। पोत में बंदी बनाए गए कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता थी। साथ ही आशंका थी कि अरब सागर के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों पर दूसरे पोतों पर आक्रमण के लिए इस पोत का इस्तेमाल अड्डे के तौर पर किया जा सकता था।
सूचना प्राप्त होने पर भारतीय नौसेना ने अपने शक्तिशाली डिस्ट्रॉयर भानौपो कोलकाता को इस अभियान पर भेजा। यह युद्धपोत पहले ही समुद्री दस्युओं से सुरक्षा प्रदान करने के लिए उसी क्षेत्र में तैनात था। उसकी सहायता के लिए नौसैनिक टोही विमान को भी क्षेत्र में भेजा गया ताकि अपहृत पोत को कम समय में ढूंढ़ा जा सके। सामंजस्य के साथ काम करते हुए भानौपो कोलकाता और टोही विमान ने अपहृत पोत को तलाश कर लिया और उसकी गतिविधियों का ब्यौरा भी एकत्र कर लिया।
अपहृत पोत के निकल भागने के सभी मार्गों को बंद करने के उपरांत मरीन कमांडो को भारतीय वायुसेना के विमान से अपहृत पोत तक पहुंचाया गया। कमांडो ने पोत पर सवार होकर सभी कर्मचारियों को मुक्त किया। भारतीय नौसेना को आता देख सभी समुद्री दस्यु पोत को छोड़कर पहले ही भाग चुके थे।
इस सफल अभियान में 48 घंटे का समय लगा और इसमें अलग-अलग विमानों और पोतों ने सामंजस्य के साथ काम किया।
भारतीय नौसेना अरब सागर के व्यापार मार्गों को समुद्री दस्युओं से सुरक्षित बनाने के लिए अपने प्रमुख युद्धपोतों को तैनात रखती है। इसके अतिरिक्त बंगाल की खाड़ी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी संकटग्रस्त पोतों की सहायता के लिए भारतीय नौसेना तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहती है। पिछले वर्षों में भारतीय नौसेना ने अलग-अलग देशों के कई व्यापारिक और मछलीमार पोतों को संकट से बचाया है।