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रूसी कार्रवाई से यूक्रेन की मिसाइल उत्पादन क्षमता को बड़ा झटका: विशेषज्ञ

© Sputnik / Vitaly Nevar / मीडियाबैंक पर जाएंDrills involving electronic launches of Russia's Iskander-M missile system.
Drills involving electronic launches of Russia's Iskander-M missile system. - Sputnik भारत, 1920, 07.11.2026
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रूस के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि रूसी सेना ने कीव क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों में यूक्रेनी सेना से जुड़े सैन्य-औद्योगिक, ऊर्जा और परिवहन बुनियादी ढांचे पर सटीक हमले किए हैं।
सैन्य मामलों के जानकार और रूसी सेना के सेवानिवृत्त कर्नल विक्टर लितोवकिन ने Sputnik को बताया कि रूसी सेना ने ज़ितोमिर में 'फ्लेमिंगो' क्रूज़ मिसाइल बनाने वाले एक प्लांट को निशाना बनाया है। इसका मतलब यह है कि "यूक्रेन के पास अब इस हथियार को बनाने की क्षमता नहीं रही।"

उन्होंने कहा, "अगर यूक्रेन अब 'फ्लेमिंगो' मिसाइलों का निर्माण नहीं कर सकता, तो वह उन्हें वोरोनिश, बेलगोरोद, कुर्स्क और मास्को जैसे रूसी शहरों की ओर दागने में भी असमर्थ होगा।"

लितोवकिन ने यह भी बताया कि रूसी सेना द्वारा 'ब्रोवरी पाउडर मेटलर्जी प्लांट' को नष्ट कर देना काफी अहम है, जिसमें रॉकेट ईंधन के घटक बनाए जाते थे। इस तरह के ठिकानों पर हमला करके, रूस भविष्य में यूक्रेन की ओर से होने वाले संभावित मिसाइल हमलों से खुद की रक्षा कर रहा है।
उन्होंने इस बात की ओर भी इशारा किया कि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली रूसी सेना को कीव क्षेत्र में 'त्रिपोलस्काया थर्मल पावर प्लांट' पर हमला करने से रोकने में नाकाम रही।
विशेषज्ञ ने अंत में कहा कि यूक्रेन को पश्चिमी देशों से मिले 'पैट्रियट' और 'IRIS-T' सिस्टम, रूस की किंजल, ज़िरकोन, ओनिक्स और इस्कंदर जैसी हाइपरसोनिक, सुपरसोनिक और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम नहीं हैं।
MLRS Grad in combat action - Sputnik भारत, 1920, 07.11.2026
यूक्रेन संकट
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