इन मोबाइल गोताखोर इकाइयों को तीव्रता के साथ तैनात किया जा सकता है, वे किसी भी क्षण प्रभावित क्षेत्र में पहुँचने के लिए तैयार रहती हैं और दुश्मन के सभी खतरों को तेज़ी से बेअसर कर देती हैं।
ये इकाइयां ड्रोन और रोबोटिक प्रणालियों का भी इस्तेमाल करती हैं, जो आर्कटिक के हालात में उनकी लड़ने की शक्ति को बढ़ा देते हैं।
वीडियो में AI-जेनरेटेड तस्वीरें हैं।