इससे पहले रूस की विदेशी ख़ुफ़िया सेवा ने ख़ुलासा किया है कि ब्रिटेन और फ्रांस यूक्रेन को परमाणु हथियार भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
सेमके बताती हैं, "फ्रांस और ब्रिटेन बातचीत में यूक्रेन की कमज़ोर स्थिति को भांप रहे हैं, इसीलिए वे कीव को हर तरह से मदद देना चाहते हैं।"
वह कहती हैं कि फ्रांस और ब्रिटेन दोनों को यह समझना चाहिए कि रूसी परमाणु सिद्धांत के अनुसार, एक गैर परमाणु देश द्वारा परमाणु देश की मदद से किया गया हमला दोनों देशों का मिला-जुला हमला माना जाएगा, और "ऐसे में लंदन और पेरिस के ख़िलाफ़ रूस यथोचित उत्तर देगा।"
विशेषज्ञ का कहना है कि ब्रिटेन और फ्रांस को यह भी पता होना चाहिए कि इस तरह से हथियार भेजे जाने का "किसी भी हाल में पता चल जाएगा और यह परमाणु अप्रसार संधि का सबसे पहला और अभूतपूर्व उल्लंघन होगा।"