गुरुवार देर रात अफ़ग़ानिस्तान ने घोषणा की कि उसने बमबारी के जवाब में सीमा पर पाकिस्तानी सेना के खिलाफ़ सैन्य अभियान शुरू किए हैं।
काबुलोव ने कहा, "हम आपसी हमलों को जल्द खत्म करने और मतभेदों को राजनयिक ढंग से सुलझाने के पक्ष में हैं।"
इसके साथ ही काबुलोव ने कहा कि अगर दोनों तरफ से अपील की जाती है तो रूस पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान को मध्यस्थता सेवाएं देने पर विचार करेगा।
दरअसल, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शुक्रवार को कहा कि देश अब पड़ोसी देश अफ़ग़ानिस्तान के साथ “खुली जंग” की हालत में है।
वहीं अफगानिस्तान के तालिबान अधिकारियों ने दावा किया कि पाकिस्तान द्वारा काबुल और दूसरे अफगान शहरों में हवाई हमले करने के बाद सीमा पार लड़ाई में कम से कम 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए है। इस बीच पाकिस्तानी सरकार के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि 133 तालिबान लड़ाके मारे गए, 200 से ज़्यादा घायल हुए, और दर्जनों चौकियां तबाह हो गईं या उन पर कब्ज़ा कर लिया गया।
इससे पहले अक्टूबर में दोनों देशों के बीच सीमा पर हुई झड़पों में दर्जनों सैनिक मारे गए थे, जब तक कि तुर्की, कतर और सऊदी अरब की मध्यस्थता से सीज़फ़ायर नहीं हो गया।