रक्षा सूत्रों ने Sputnik इंडिया को जानकारी दी है कि S-400 की चौथी बैटरी को भारत भेजने की तैयारी पूरी हो चुकी है और मई में यह सिस्टम आवश्यक मिसाइलों के साथ भारत पहुंचेगा। सूत्रों के अनुसार, पांचवीं और अंतिम स्क्वाड्रन भी इस वर्ष के अंत तक भारत पहुंच जाएगी।
पांचवीं बैटरी के भारत पहुंचने के साथ ही इस सौदे के तहत मिलने वाली सभी बैटरियां भारत को मिल जाएंगी। वर्ष 2018 में भारत ने रूस के साथ S-400 की पांच यूनिटों का सौदा किया था।
इनमें से पहली 2021 में भारत पहुंच गई थी। 2022 में दूसरी स्क्वाड्रन मिली और 2023 में तीसरी स्क्वाड्रन आई।
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पिछले वर्ष दावा किया था कि इस एयर डिफेंस सिस्टम ने सबसे लंबी दूरी से किसी विमान को नष्ट करने का रिकॉर्ड बनाया है।
S-400 की हर स्क्वाड्रन में कमान-कंट्रोल, रडार और मिसाइल लांचर मिलाकर 16 वाहन होते हैं। हर स्क्वाड्रन में 6-6 लांचर्स की दो बैटरियां होती है जिनके पास कुल 128 मिसाइल होती हैं। भारत ने कुल 60 लांचर और 6000 मिसाइल खरीदी हैं जिनकी प्रहार क्षमता 120 किमी से लेकर 380 किमी तक है।