रिपोर्ट के मुताबिक इंडियन पोटाश के मैनेजिंग डायरेक्टर, पीएस गहलोत ने कहा कि रूस में प्रस्तावित प्लांट के लिए कंसल्टेंट सरकारी कंपनी प्रोजेक्ट्स एंड डेवलपमेंट इंडिया (PDI) ने पिछले हफ्ते प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट जमा कर दी है।
गहलोत ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस को बताया, "यूरिया संयंत्र अगले दो सालों में तैयार हो जाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि तीन भारतीय सरकारी कंपनी IP, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (RCF), और नेशनल फर्टिलाइजर्स (NF) – जल्द ही प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर फैसला ले सकती हैं। गहलोत ने कहा कि प्रस्तावित यूरिया सयंत्र देश के लिए स्थायी और भरोसेमंद आपूर्ति स्रोत के रूप में काम करेगा।
यह संयंत्र, रूस की यूरालकेम और भारत की IP, RCF और NF के बीच 50:50 का संयुक्त उद्यम है, और इसके रूस के समारा में तोग्लियाट्टी में बनने की उम्मीद है।
यह रूसी संयुक्त उधम, इफ्को और कृभको के ‘ओमान इंडिया फर्टिलाइजर’ के बाद इस तरह का सबसे बड़ी संयुक्त उद्यम परियोजना होगा।