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ख़ालिस्तान मसले के चलते भारत और कनाडा के मध्य व्यापार वार्ता स्थगित

© AP Photo / Prabhjot GillActivists from various Sikh organisations hold placards showing portraits of Jarnail Singh Bhindranwale, a Sikh militant leader who fought for an independent Sikh homeland
Activists from various Sikh organisations hold placards showing portraits of Jarnail Singh Bhindranwale, a Sikh militant leader who fought for an independent Sikh homeland - Sputnik भारत, 1920, 16.09.2023
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भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ अपनी बैठक के दौरान कनाडा में चरमपंथी तत्वों द्वारा की जा रही भारत विरोधी गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की।
मीडिया के अनुसार, खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के मध्य बढ़ते तनाव के कारण कनाडा ने भारत में अपने व्यापार मिशन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया है।
कनाडाई मंत्री मैरी एनजी के नेतृत्व में पांच दिवसीय व्यापार मिशन 9 अक्टूबर को आरंभ होने वाला था।

मीडिया ने कनाडाई व्यापार मंत्री मैरी एनजी के प्रवक्ता शांति कॉसेंटिनो के हवाले से कहा: "इस समय हम भारत में आगामी व्यापार मिशन को स्थगित कर रहे हैं।" हालांकि, देरी का कोई कारण नहीं बताया गया।

आप को याद दिला दें कि भारत ने अपना रुख सामने रखा था – विध्वंसक गतिविधियां समाप्त होने तक कनाडा के साथ कोई व्यापार वार्ता नहीं होगी। दोनों देशों के बीच व्यापार मिशन की घोषणा इस साल मई में भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की कनाडा यात्रा के दौरान हुई थी।
9-10 सितंबर को दिल्ली में G-20 शिखर सम्मेलन के मौके पर भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ द्विपक्षीय भेंटवार्ता की। इस दौरान भारतीय नेता ने कनाडा में बढ़ती खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर चिंताएं व्यक्त कीं।

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, मोदी ने ट्रूडो से कहा कि चरमपंथी तत्व भारतीय राजनयिकों के विरुद्ध “अलगाववाद को बढ़ावा दे रहे हैं और हिंसा भड़का रहे हैं, राजनयिक परिसरों को क्षति पहुंचा रहे हैं और कनाडा में भारतीय समुदाय और उनके पूजा स्थलों को धमकी दे रहे हैं।"

यह भी कहा गया था कि “संगठित अपराध, ड्रग सिंडिकेट और मानव तस्करी के साथ ऐसी ताकतों का गठजोड़ कनाडा के लिए भी चिंता का विषय होना चाहिए। ऐसे संकटों से निपटने के लिए दोनों देशों का सहयोग करना आवश्यक है।''
गत वर्ष भारत ने कनाडा सरकार को एक डिमार्श देकर ओंटारियो में एक प्रतिबंधित संगठन द्वारा आयोजित खालिस्तान जनमत संग्रह को रोकने के लिए कहा था।

मोदी-ट्रूडो की बैठक की पूर्वसन्ध्या पर नामित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नुन की अगुवाई वाले प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया के एक गुरुद्वारे में खालिस्तान जनमत संग्रह आयोजित किया।

इस बीच, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) (भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की युवा शाखा) ने कनाडाई गायक शुभ के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया। भाजयुमो ने मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें उनसे कनाडाई गायक के शो को रद्द करने का निवेदन किया गया।

भाजयुमो मुंबई के अध्यक्ष तजिंदर सिंह तिवाना ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “भारत की एकता और अखंडता के शत्रु और ख़ालिस्तान समर्थकों के लिए भारत में कोई स्थान नहीं है। हम कनाडाई गायक शुभ को छत्रपति शिवाजी महाराज की पावन भूमि मुंबई में प्रस्तुति देने नहीं देंगे”।

भाजयुमो के सदस्यों ने कनाडाई गायक के आगामी प्रदर्शन के पोस्टर भी फाड़ दिए।
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