Explainers
पेचीदा कहानियाँ सुर्खियां बटोरती हैं लेकिन कभी कभी वे समझने के लिए मुश्किल और समय बर्बाद करनेवाले हो सकते हैं, और समय का मतलब पैसा है, तो आइए हमारे साथ अपना पैसा और समय बचाइए। दुनिया के बारे में हमारे साथ जानें।

जानें कैसा है UAE के अबू धाबी का पत्थर से बनाया गया पहला हिंदू मंदिर?

© AP Photo / Kamran JebreiliHindu monks arrive at the first stone-built Hindu temple in Abu Mureikha, 40 kms, 25 miles, northeast of Abu Dhabi, United Arab Emirates, Monday, Feb. 12, 2024.
Hindu monks arrive at the first stone-built Hindu temple in Abu Mureikha, 40 kms, 25 miles, northeast of Abu Dhabi, United Arab Emirates, Monday, Feb. 12, 2024.  - Sputnik भारत, 1920, 13.02.2024
सब्सक्राइब करें
Sputnik India आज BAPS मंदिर के उद्घाटन के मौके पर इसकी कुछ बारीकियों के बारे में बताने जा रहा है, जो इस मंदिर को दूसरे मंदिरों से बिल्कुल अलग बनाती हैं।
संयुक्त अरब अमीरात की अपनी यात्रा के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में पत्थर से बनाए गए पहले हिन्दू मंदिर का उद्घाटन करने जा रहे हैं।

अबू धाबी का यह मंदिर पत्थर वास्तुकला का एक बड़ा उदाहरण है, यह खाड़ी क्षेत्र में सबसे बड़ा BAPS मंदिर होगा, और उद्घाटन के बाद यह मंदिर आम नागरिकों के लिए 1 मार्च से खोल दिया जाएगा।
Sputnik India अबू धाबी में खुलने जा रहे पत्थर से बनाए गए पहले मंदिर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा जारने जा रहा है।

कैसा है अबू धाबी का पहला हिन्दू मंदिर?

पीएम मोदी की 2015 में UAE की पहली यात्रा के दौरान मंदिर के निर्माण के लिए अबू धाबी में जमीन आवंटित करने का फैसला किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2018 में मंदिर परियोजना का उद्घाटन किया और दिसंबर 2019 में इसका निर्माण शुरू हुआ।

भारतीय मीडिया के मुताबिक दुबई से अबू धाबी जाने वाले शेख जायद राजमार्ग के किनारे अल रहबा के पास अबू मुरीखा में 27 एकड़ भूमि में फैला यह मंदिर 700 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। मंदिर के विशाल परिसर की ऊंचाई 32.92 मीटर, लंबाई 79.86 मीटर और चौड़ाई 54.86 मीटर है।

इस मंदिर में एक बड़ा अखाड़ा, प्रार्थना कक्ष, एक गैलरी, एक पुस्तकालय, विषयगत उद्यान, पानी की सुविधाएँ, एक फूड कोर्ट, उपहार की दुकान, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, एक मजलिस और दो सामुदायिक हॉल हैं जो 5,000 लोगों को समायोजित कर सकते हैं।

मंदिर को उत्तरी राजस्थान से लाए गए जटिल नक्काशी वाले संगमरमर के अग्रभाग और गुलाबी बलुआ पत्थर का उपयोग करके बनाया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर की नींव में 100 सेंसर और 350 से अधिक सेंसर रणनीतिक रूप से पूरी संरचना में लगाए गए हैं, जो लगातार भूकंप गतिविधि, तापमान में उतार-चढ़ाव और दबाव परिवर्तन पर डेटा एकत्र करते हैं। इसके अलावा इस मंदिर की संरचना में बलुआ पत्थर की पृष्ठभूमि पर 25,000 से अधिक पत्थर के टुकड़ों का उपयोग करके संगमरमर की नक्काशी तैयार की गई है।
यहाँ दो घुमट, 12 समरान (गुंबद जैसी संरचनाएं) और 402 स्तंभों के साथ सात शिखर हैं जो UAE के सात अमीरातों का प्रतीक हैं। मंदिर का डिज़ाइन वैदिक वास्तुकला और मूर्तियों से प्रेरित है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस मंदिर के प्रत्येक शिखर पर रामायण, शिव पुराण, भागवत और महाभारत की कहानियों के साथ-साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान स्वामीनारायण, भगवान वेंकटेश्वर और भगवान अयप्पा की कहानियों को जटिल नक्काशी से दर्शाया गया है।
इसके साथ इसमें दृढ़ता, प्रतिबद्धता और सहनशक्ति का प्रतिनिधित्व करने वाले ऊंटों को विशिष्ट स्थानीय छाप छोड़ने के लिए मूर्तियों में उकेरा गया है। इसमें एक "सद्भाव का गुंबद" भी है जो पाँच प्राकृतिक तत्वों पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और अंतरिक्ष के सामंजस्य का एक अनूठा चित्रण करता है।
Indian Prime Minister Narendra Modi, right, shakes hand with Abu Dhabi's Crown Prince Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan before their delegation level meeting in New Delhi, India, Wednesday, Jan. 25, 2017. - Sputnik भारत, 1920, 29.12.2023
राजनीति
प्रधानमंत्री मोदी अबू धाबी के हिंदू मंदिर का 14 फरवरी को उद्घाटन करेंगे
न्यूज़ फ़ीड
0
loader
चैट्स
Заголовок открываемого материала