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INSTC से भारत-रूस व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार: RZD

© Sputnik / Sergey Subbotin / मीडियाबैंक पर जाएंTrain operation starting on the Yandyki-Olya railroad stretch, crossing the Astrakhan Region. It is part of the North-South transnational transport corridor, which will link Russia with Iran, India and Southeast Asia (File)
Train operation starting on the Yandyki-Olya railroad stretch, crossing the Astrakhan Region. It is part of the North-South transnational transport corridor, which will link Russia with Iran, India and Southeast Asia (File) - Sputnik भारत, 1920, 25.02.2025
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रूसी रेलवे लॉजिस्टिक्स के मल्टीमॉडल सेवा उप महानिदेशक ने Sputnik इंडिया को INSTC के जरिए रूस और भारत के बीच इसकी जरूरत और इससे होने वाले फ़ायदों पर बात की।
भारत के निर्यात में बढ़ोतरी करने के बाद पिछले साल नई दिल्ली और मास्को के बीच अंतर्राष्ट्रीय उत्तर दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) का उपयोग करते हुए व्यापार दोगुना हुआ।
ईरान के रास्ते पश्चिमी भारत को रूस से जोड़ने के लिए INSTC बहुत महत्त्वपूर्ण है। इस गलियारे का पूर्वी मार्ग माल परिवहन की मात्रा और भौगोलिक कवरेज के मामले में इसकी तीनों शाखाओं में सबसे सुविधाजनक माना जाता है
INSTC के पूर्वी मार्ग पर भारत द्वारा रूस को निर्यात किए जाने वाले सामानों में निर्माण सामग्री, कपड़े और जूते, चावल, प्लास्टिक, रोल्ड आयरन, कन्फेक्शनरी, मसाला और खाद्य सांद्र शामिल हैं।
भारत और रूस के बीच पिछले साल द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड 66 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुँच गया जो पिछले पाँच वर्षों में पाँच गुना वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा दोनों देश 2030 तक महत्वाकांक्षी 100 बिलियन अमरीकी डॉलर के व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
पिछले साल उत्तर-दक्षिण मार्ग के माध्यम से रूस और भारत के बीच सबसे बड़ी मात्रा में सामान परिवहन के बारे में पूछे जाने पर रूसी रेलवे JSC RZD लॉजिस्टिक्स मल्टीमॉडल सेवा के उप महानिदेशक दिमित्री क्रुकोव ने कहा कि रूस निर्माण सामग्री, कपड़े और जूते, चावल, प्लास्टिक, कन्फेक्शनरी उत्पाद, मसाले और खाद्य सांद्र आयात करता है वहीं भारत लुगदी और कागज उत्पाद, लकड़ी, स्वच्छता उत्पाद, फर्नीचर, छत सामग्री और खाद्य उत्पाद का निर्यात करता है।

लॉजिस्टिक्स मल्टीमॉडल सेवा के उप महानिदेशक दिमित्री क्रुकोव ने कहा, "2024 में INSTC के माध्यम से रूस और भारत के बीच व्यापार कारोबार ने सकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित की। इस मार्ग से पहली बार कई श्रेणियों के माल का परिवहन किया गया। उदाहरण के लिए, मई 2024 में दक्षिणी यूराल से भारत के लिए "एग्रोएक्सप्रेस" की एक पूरी ट्रेन भेजी गई थी। ओट फ्लेक्स और अनाज ले जाने वाले कुल 31 बीस-फुट कंटेनर मुंद्रा पोर्ट पर भेजे गए।"

उन्होंने आगे बात करते हुए कहा कि विशेष रूप से भारत गणराज्य के साथ व्यापार प्रवाह के संबंध में प्रमुख निर्यात श्रेणियाँ कागज़ उत्पाद, धातुएं और खाद्य उत्पाद हैं, जबकि मुख्य आयातित वस्तुओं में निर्माण सामग्री, सुदृढीकरण बार, पायरोलिसिस तेल और लौह धातु उत्पाद शामिल हैं।
उप महानिदेशक दिमित्री क्रुकोव ने बताया, "सकारात्मक व्यापार गतिशीलता INSTC के माध्यम से रूस को निर्यात बढ़ाने की भारत की महत्वाकांक्षा से प्रेरित है। इसके अतिरिक्त, इस मार्ग पर परिवहन सेवाओं के लिए 56% से अधिक की लागत में कमी से कार्गो वॉल्यूम में 1.7 गुना वृद्धि हुई है।"
भारतीय मीडिया ET ने पिछले महीने बताया था कि रूस और ईरान जल्द ही मार्च के अंत तक INSTC के रश्त-अस्तारा रेल लिंक का निर्माण शुरू करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे, जो INSTC के माध्यम से भारत-रूस व्यापार को बढ़ाएगा।
2025 में उत्तर-दक्षिण गलियारे के माध्यम से रूस और भारत के बीच व्यापार की वृद्धि संभावनाओं के बारे में बात करते हुए दिमित्री क्रुकोव ने बताया कि 2025 में उत्तर-दक्षिण गलियारे के माध्यम से रूस और भारत के बीच व्यापार की वृद्धि संभावनाएं आशाजनक दिखती हैं। 2024 में कुल द्विपक्षीय व्यापार मात्रा $66 बिलियन तक पहुंच गई और दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक इस आँकड़ों को $100 बिलियन तक बढ़ाना है।

दिमित्री क्रुकोव ने जोर देकर कहा, "इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व के बीच रेल और मल्टीमॉडल कंटेनर परिवहन के सुचारू संगठन को सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है, जहां INSTC एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। RZD होल्डिंग और RZD लॉजिस्टिक्स इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास कर रहे हैं, जैसा कि परिवहन की बढ़ती मात्रा और कम डिलीवरी समय से स्पष्ट है।"

हालाँकि उन्होंने दोनों देशों के बीच इस गलियारे के आगे और अधिक उत्पादक विकास के लिए, कई प्रमुख मुद्दों को संबोधित करते हुए बताए कि रश्त-अस्तारा जैसे लापता रेलवे खंडों का निर्माण और बंदरगाह के बुनियादी ढाँचे में बाधाओं को दूर करने के साथ साथ सीमा शुल्क और फाइटोसैनिटरी नियंत्रणों का अनुकूलन, साथ ही निर्बाध डिजिटल दस्तावेज़ विनिमय का कार्यान्वयन की प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए।

क्रुकोव ने कहा, "वित्तीय चुनौतियाँ और बाजार जागरूकता पर बोलते हुए क्रुकोव ने कहा,"अंतर्राष्ट्रीय समझौतों में प्रतिबंधों से संबंधित दबाव और जटिलताओं पर काबू पाना और उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर की क्षमताओं और सेवाओं के बारे में संभावित कार्गो शिपर्स के बीच जागरूकता बढ़ाने के बाद INSTC एक रणनीतिक व्यापार मार्ग के रूप में विकसित हो सकता है, जिससे रूस और भारत के बीच आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।"

Vladimir Putin  - Sputnik भारत, 1920, 04.12.2024
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