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ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों पर पाँच दिन की रोक का दिया आदेश

© AP Photo / Rebecca BlackwellPresident Donald Trump speaks at the Shield of the Americas Summit, Saturday, March 7, 2026, at Trump National Doral Miami in Doral, Fla. (AP Photo/Rebecca Blackwell)
President Donald Trump speaks at the Shield of the Americas Summit, Saturday, March 7, 2026, at Trump National Doral Miami in Doral, Fla. (AP Photo/Rebecca Blackwell) - Sputnik भारत, 1920, 23.03.2026
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि बीते दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बहुत ही सकारात्मक और सार्थक बातचीत हुई है।
"मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि बीते दो दिनों के दौरान, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में हमारी शत्रुता के पूर्ण और समग्र समाधान को लेकर बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत हुई है," ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा।
ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा मतभेदों को सुलझाने के लिए बातचीत इस सप्ताह भी जारी है।

"इन गहन, विस्तृत और रचनात्मक बातचीत के भाव और सार के आधार पर, जो पूरे हफ़्ते जारी रहेंगी मैंने युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि वे ईरानी बिजली संयंत्रों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे के खिलाफ सभी सैन्य हमलों को पाँच दिनों की अवधि के लिए स्थगित कर दें, बशर्ते कि चल रही बैठकें और चर्चाएँ सफल रहें," ट्रंप ने कहा।

ईरानी विदेश मंत्रालय का मानना है कि ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों को टालने का फ़ैसला, ऊर्जा की क़ीमतों को नीचे लाने की एक कोशिश है, यह जानकारी सोमवार को मेहर न्यूज़ एजेंसी ने दी।
गुरुवार को, ईरानी मीडिया और अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका और इज़राइल ने दक्षिणी ईरान में तेल और गैस सुविधाओं पर हमले किए हैं, विशेष रूप से साउथ पार्स गैस क्षेत्र और असलुयेह औद्योगिक क्षेत्र पर, जहाँ इस क्षेत्र के संसाधनों को संसाधित किया जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में कहा कि अमेरिका को साउथ पार्स क्षेत्र पर हमला करने की इज़राइल की योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं थी।
28 फरवरी को, अमेरिका और इज़राइल ने तेहरान सहित ईरान में कई लक्ष्यों पर हमले शुरू कर दिए, जिससे भारी नुकसान हुआ और आम नागरिकों की जान भी गई। बदले में ईरान ने इज़राइली क्षेत्र के साथ-साथ मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं।
अमेरिका और इज़राइल ने शुरू में दावा किया था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से उत्पन्न होने वाले कथित खतरे का मुकाबला करने के लिए उनका "प्रीएमप्टिव" हमला ज़रूरी था, लेकिन जल्द ही उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि वे ईरान में सत्ता परिवर्तन होता देखना चाहते हैं।
In this photo released by the Iranian Defense Ministry on May 25, 2023, Khorramshahr-4 missile is launched at an undisclosed location, Iran (Iranian Defense Ministry via AP) - Sputnik भारत, 1920, 23.03.2026
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