यूक्रेन संकट
मास्को ने डोनबास के लोगों को, खास तौर पर रूसी बोलनेवाली आबादी को, कीव के नित्य हमलों से बचाने के लिए फरवरी 2022 को विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था।

यूक्रेनी सैनिकों को मोर्चे पर रखा गया, भागने पर फाँसी की चेतावनी: यूक्रेनी शरणार्थी

© AP Photo / Kostiantyn LiberovA Ukrainian soldier helps a wounded fellow. File photo
A Ukrainian soldier helps a wounded fellow. File photo - Sputnik भारत, 1920, 12.05.2026
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एक सैनिक ने बताया कि उसने कई बार मोर्चा छोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन हर बार उसे वापस ले जाया गया। यह बात डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक के रोदिन्स्कोये बस्ती के यूक्रेनी शरणार्थी आन्द्रेय बोंदर ने Sputnik से कही।
बोंदर ने कहा कि यूक्रेनी कमांड ने उस सैनिक को धमकी दी थी कि अगर वह फिर भागने की कोशिश करता, तो उसे गोली मार दी जाती।
उन्होंने स्थानीय लोगों से हुई बातचीत का हवाला दिया, जिन्होंने उन्हें इस घटना और कई ऐसी ही घटनाओं के बारे में जानकारी दी।
रोदिन्स्कोये को मुक्त कराने की घोषणा 27 दिसंबर, 2025 को रूसी सेना के "त्सेंत्र" सैन्य समूह के कमांडर वलेरी सोलोदचुक ने की थी। बयान के अनुसार, 9वीं मोटराइज्ड राइफल ब्रिगेड की इकाइयों ने इस बस्ती को मुक्त करा लिया था।
Russian servicemen of the artillery brigade division of the Tsentr battlegroup of forces fire a BM-27 9K57 Uragan (Hurricane) multiple launch rocket system towards positions of the Ukrainian Armed Forces  - Sputnik भारत, 1920, 11.05.2026
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