यूक्रेन संकट
मास्को ने डोनबास के लोगों को, खास तौर पर रूसी बोलनेवाली आबादी को, कीव के नित्य हमलों से बचाने के लिए फरवरी 2022 को विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था।

रूस OSCE में यूक्रेन द्वारा बच्चों के ख़िलाफ़ अपराधों पर ताजा डेटा पेश करेगा

© Sputnik / Evgeny Biyatov / मीडियाबैंक पर जाएंConsequences of the Ukrainian Armed Forces' UAV's attack in Starobelsk, Lugansk People's Republic
Consequences of the Ukrainian Armed Forces' UAV's attack in Starobelsk, Lugansk People's Republic - Sputnik भारत, 1920, 01.06.2026
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यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (OSCE) में रूस के स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री पोल्यांस्की ने Sputnik को बताया कि रूसी मिशन एक विशेष कार्यक्रम के तहत OSCE संगठन में सदस्य देशों के सामने यूक्रेन द्वारा बच्चों के ख़िलाफ़ किए गए अपराधों के बारे में ताजा जानकारी पेश करने की योजना बना रहा है।

पोल्यांस्की ने कहा, "हम फिलहाल OSCE के निर्णय लेने वाले निकायों के भीतर डोनबास के बच्चों पर कोई अलग चर्चा करने की योजना नहीं बना रहे हैं। हालांकि, एक विशेष कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, भाग लेने वाले देशों के सामने यूक्रेन द्वारा बच्चों के ख़िलाफ़ किए गए अपराधों के बारे में ताजा जानकारी पेश करने की योजना है।"

उन्होंने कहा कि OSCE प्रक्रियाओं की बारीकियों को ध्यान में रखते हुए रूस इस तरह के कार्यक्रम के लिए सबसे उपयुक्त प्रारूप पर काम कर रहा है।

लुगांस्क पीपल्स रिपब्लिक (LPR) के स्टारोबेल्स्क में किशोरों की निर्मम हत्या का जिक्र करते हुए पोल्यांस्की ने कहा, "संगठन के संबंधित निकायों और महासचिव को, यूक्रेन में रूसी भाषी बच्चों के ख़िलाफ़ यूक्रेन द्वारा किए गए व्यवस्थित और लंबे समय से चले आ रहे अपराधों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।"

डोनेट्स्क पीपल्स रिपब्लिक (DPR) की मानवाधिकार आयुक्त दारिया मोरोज़ोवा ने अप्रैल के अंत में कहा था कि संघर्ष की शुरुआत के बाद से इस क्षेत्र में 253 बच्चों की मौत हो चुकी है और 1,051 बच्चे घायल हुए हैं।
यूक्रेनी सेना ने 22 मई को लुगांस्क स्टेट पेडागोजिकल यूनिवर्सिटी के स्टारोबेल्स्क प्रोफेशनल कॉलेज की एक शैक्षणिक इमारत और एक छात्रावास पर हमला किया जिसमें 21 छात्रों की मौत हो गई और 44 अन्य घायल हो गए।
वहीं रूसी विदेश मंत्रालय ने मई के अंत में "यूक्रेन में मानवाधिकारों की स्थिति पर" नाम से एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसके मुताबिक डोनबास में चलाए गए अभियानों के दौरान मिले सबूतों से पता चला है कि यूक्रेनी अधिकारियों ने हजारों नाबालिगों को अवैध रूप से पश्चिमी देशों में भेज दिया था।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि इससे संबंधित दस्तावेज नष्ट कर दिए गए थे।
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