विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

भारत ग्लोबल साउथ के साथ अपनी डिजिटल विशेषज्ञता साझा करने को तैयार: भारतीय अधिकारी

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भारत विकासशील देशों के साथ अपनी दूरसंचार तकनीक और नियामकीय अनुभव साझा करने के लिए तैयार है। यह बात भारत सरकार की एक वरिष्ठ अधिकारी ने 'क्षेत्रीय संचार राष्ट्रमंडल (RCC)' के सदस्य देशों के संचार प्रशासन प्रमुखों की परिषद की बैठक के दौरान Sputnik से कही।
भारत के दूरसंचार विभाग में संयुक्त वायरलेस सलाहकार और अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ के रेडियो संचार ब्यूरो के निदेशक पद की उम्मीदवार डॉ. रेवती मन्नेपल्ली ने बताया कि भारत ने अपना स्वयं का 4G और 5G तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म विकसित किया है और पूरी तरह से स्वचालित स्पेक्ट्रम लाइसेंस प्रणाली अपनाई है। इन सुधारों की बदौलत भारत दुनिया में सबसे तेज़ 5G विस्तार करने वाले देशों में शामिल हुआ है।

उन्होंने भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना मॉडल — जिसमें आधार से जुड़े मोबाइल भुगतान और सरकारी लाभों का प्रत्यक्ष हस्तांतरण शामिल है — को ऐसे मॉडल के रूप में बताया, जिसे अन्य देश भी अपना सकते हैं।

AI के क्षेत्र में उन्होंने भारत में विकसित ऐसे सॉफ़्टवेयर का उल्लेख किया, जो वास्तविक समय में स्पैम और धोखाधड़ी वाले कॉलों की पहचान कर उन्हें रोक सकता है। साथ ही, उन्होंने अगली पीढ़ी के संचार नेटवर्क में जटिल उपग्रह हस्तक्षेप के प्रबंधन में AI की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
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