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भारत का मिसाइल कवच सुदृढ़ बना, रक्षक प्रणाली का सफल परीक्षण

© AP PhotoIn this image made from Indian Ministry of Defense video, India's the Agni-V missile is launched from Wheeler Island off India's east coast, Thursday, April 19, 2012.
In this image made from Indian Ministry of Defense video, India's the Agni-V missile is launched from Wheeler Island off India's east coast, Thursday, April 19, 2012.   - Sputnik भारत, 1920, 13.06.2026
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भारतीय वैज्ञानिकों ने कई स्तरों पर लंबी दूरी तक मार करने वाली बैलेस्टिक मिसाइलों से सुरक्षा देने वाली प्रणाली के अंतिम परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं।
इन परीक्षणों के बाद भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइलों (ICBM) से सुरक्षा देने वाली मिसाइल प्रणाली (BMD) है।
साथ ही शत्रु के पोतों को नष्ट करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइल का भी पहला परीक्षण सफल रहा।
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि BMD का परीक्षण सफल रहा और मिसाइल इंटरसेप्टर ने अपने लक्ष्य को नष्ट कर दिया।
मिसाइलों की नई चुनौतियों का सामना करने के लिए इस प्रणाली में सबसे आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है।
10 और 11 जून को किए गए इन परीक्षणों में दो इंटरसेप्टर मिसाइलों ने वायुमंडल के बाहर (100 किमी से दूर) और वायुमंडल के अंदर (100 किमी से कम), दोनों स्थानों पर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया।
भारत ने लंबी दूरी की मिसाइलों से रक्षा की परियोजना, यानी BMD, वर्ष 1999 में प्रारंभ की थी। यह प्रणाली वायुमंडल के अंदर (Endo-atmospheric) और वायुमंडल के बाहर (Exo-atmospheric) स्तर पर काम करती है।
इस प्रणाली का पहला परीक्षण 2006 में हुआ था, जब एक पृथ्वी मिसाइल ने वायुमंडल के अंदर 48 किमी की ऊंचाई पर लक्ष्य मिसाइल को नष्ट किया था।
प्रणाली अपने पहले चरण में वायुमंडल के अंदर पृथ्वी मिसाइल के अतिरिक्त एक अन्य इंटरसेप्टर मिसाइल से आक्रमणकारी मिसाइल को नष्ट करती है।
वहीं, दूसरे चरण में वायुमंडल के बाहर दो अत्याधुनिक मिसाइलों (AD1, AD2) की मदद से आक्रमणकारी मिसाइल को नष्ट किया जाता है।
BMD के तीसरे चरण पर भी काम चल रहा है। यह बैलेस्टिक मिसाइलों के अतिरिक्त हाइपरसोनिक मिसाइलों, उड़ान के बीच रास्ता बदलने वाले ग्लाइड बम और एक मिसाइल से निकलने वाले कई वारहेड (MIRV) को भी नष्ट करने में सक्षम होगा।
इस सबसे आधुनिक चरण के परीक्षण अगले तीन से चार वर्ष में प्रारंभ होने की संभावना है।
An Indian Air Force Sukhoi Su-30 fighter aircraft performs during 93rd Indian Airforce Day celebration in Guwahati, India, Sunday, Nov. 9, 2025. (AP Photo/Anupam Nath) - Sputnik भारत, 1920, 12.06.2026
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