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भारतीय नौसेना ने समुद्री डकैतों से व्यापारिक पोत को बचाया
भारतीय नौसेना ने समुद्री डकैतों से व्यापारिक पोत को बचाया
Sputnik भारत
भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड ने 1 जुलाई को अदन की खाड़ी में ग्रेनाडा के व्यापारिक पोत को समुद्री डकैती से बचाया है। 02.07.2026, Sputnik भारत
2026-07-02T19:42+0530
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पोत में एक भारतीय सहित 21 चालक दल के सदस्य थे और जिबूती से 300 समुद्री मील दूर इस पोत पर समुद्री डकैतों ने आक्रमण किया था। चालक दल के सभी 21 सदस्य सुरक्षित हैं और पोत अपनी यात्रा पर रवाना हो गया है, भारतीय नौसेना ने बताया। अदन से रवाना होने के बाद एमवी गोल्डन आर्सेनल नामक इस पोत ने समुद्री डकैती के प्रयास का समाचार दिया था। भारतीय नौसेना के सूचना केंद्र Information Fusion Centre – Indian Ocean Region (IFC-IOR) के साथ सामंजस्य बनाकर परिस्थिति भांपने के बाद आईएनएस त्रिकंड को पोत के पास पहुंचे के निर्देश दिए गए। आईएनएस त्रिकंड भारतीय नौसेना के तलवार श्रेणी का स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है जिसका निर्माण रूस के यातंर शिपयार्ड में हुआ था। इसमें 8 ब्रह्मोस मिसाइलों के अतिरिक्त श्टिल और इगला मिसाइलें लगाई गई हैं। इसमें नौसैनिक तोपें लगाई गई हैं और यह 30 समुद्री मील प्रति घंटे की तीव्र गति से चल सकता है। अरब सागर में समुद्री डकैतियों से सुरक्षा देने के लिए यह युद्धपोत तैनात किया गया है।
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भारतीय नौसेना, अदन की खाड़ी, अरब सागर, समुद्री लुटेरे, भारत, रूस , ब्रह्मोस
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भारतीय नौसेना ने समुद्री डकैतों से व्यापारिक पोत को बचाया
भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड ने 1 जुलाई को अदन की खाड़ी में ग्रेनाडा के व्यापारिक पोत को समुद्री डकैती से बचाया है।
पोत में एक भारतीय सहित 21 चालक दल के सदस्य थे और जिबूती से 300 समुद्री मील दूर इस पोत पर समुद्री डकैतों ने आक्रमण किया था। चालक दल के सभी 21 सदस्य सुरक्षित हैं और पोत अपनी यात्रा पर रवाना हो गया है, भारतीय नौसेना ने बताया।
अदन से रवाना होने के बाद एमवी गोल्डन आर्सेनल नामक इस पोत ने समुद्री डकैती के प्रयास का समाचार दिया था। भारतीय नौसेना के सूचना केंद्र Information Fusion Centre – Indian Ocean Region (IFC-IOR) के साथ सामंजस्य बनाकर परिस्थिति भांपने के बाद आईएनएस त्रिकंड को पोत के पास पहुंचे के निर्देश दिए गए।
पोत को आक्रमण में हल्की क्षति पहुंची थी लेकिन कर्मी दल ने खुद को सुरक्षित कमरों में बंद कर लिया था। दो जुलाई की सुबह नौसेना के कमांडो ने पोत पर पहुंचकर उस पर नियंत्रण कर लिया। पोत की सघन तलाशी ली गई जिससे पता चला कि सभी डकैत वहां से भाग निकले हैं। पोत के कर्मचारियों ने सुरक्षित कमरे से निकलकर पोत की जांच की और उसे सुरक्षित पाया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान नौसेना का गश्ती विमान भी आसमान में चौकसी कर रहा था। पोत को सुरक्षित पाकर उसके कर्मचारियों ने आगे की यात्रा प्रारंभ कर दी।
आईएनएस त्रिकंड
भारतीय नौसेना के तलवार श्रेणी का स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है जिसका निर्माण रूस के यातंर शिपयार्ड में हुआ था। इसमें 8 ब्रह्मोस मिसाइलों के अतिरिक्त श्टिल और इगला मिसाइलें लगाई गई हैं। इसमें नौसैनिक तोपें लगाई गई हैं और यह 30 समुद्री मील प्रति घंटे की तीव्र गति से चल सकता है। अरब सागर में समुद्री डकैतियों से सुरक्षा देने के लिए यह युद्धपोत तैनात किया गया है।