भारत-रूस संबंध
मॉसको-दिल्ली रिश्तों की दैनिक सूचना। चिरस्थायी संबंधों को गहराई से देखें!

भारतीय और रूसी वैज्ञानिकों ने अवसाद के इलाज के लिए दवाओं से अधिक प्रभावी प्राकृतिक विकल्प खोजा

© Sputnik / Aleksey Nikolskyi / मीडियाबैंक पर जाएंDrugs produced by the R-Opra pharmaceutical plant, part of R-Pharm Group, are seen at the production line at Technopolis Moscow special economic area, in Zelenograd, Moscow, Russia
Drugs produced by the R-Opra pharmaceutical plant, part of R-Pharm Group, are seen at the production line at Technopolis Moscow special economic area, in Zelenograd, Moscow, Russia - Sputnik भारत, 1920, 09.07.2026
सब्सक्राइब करें
रूस के चेल्याबिंस्क शहर स्थित दक्षिण यूराल स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रेस सेवा ने Sputnik को बताया कि उनके वैज्ञानिकों ने भारत के अपने सहयोगियों के साथ अवसाद के उपचार में बरबेरी की प्रभावशीलता की पुष्टि की है।
चेल्याबिंस्क के वैज्ञानिकों ने भारत के अपने सहयोगियों के साथ मिलकर मानव शरीर पर बरबेरी (बारबेरिस) के फलों में मौजूद बर्बेरीन के आणविक प्रभाव का अध्ययन किया है। इसके लिए वैज्ञानिकों ने अवसाद का संकेत देने वाले विशिष्ट प्रोटीनों और नियामकों पर इस पदार्थ के प्रभाव का मॉडल तैयार किया और उसका विश्लेषण किया।
अध्ययन में पाया गया कि बर्बेरीन ने ऐसे ही एक प्रोटीन के साथ अत्यधिक मजबूत बंधन प्रदर्शित किया, जो तंत्रिका कोशिकाओं के जीवित रहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह बंधन सामान्य एंटीडिप्रेसेंट दवाओं के उपयोग से बनने वाले बंधन की तुलना में अधिक मजबूत पाया गया।
विश्वविद्यालय के अनुसार, प्राकृतिक यौगिक होने के कारण बर्बेरीन समान प्रकार की कृत्रिम दवाओं की तुलना में अधिक किफायती और सुरक्षित विकल्प साबित हो सकता है।
शोध के परिणाम आधुनिक फार्माकोलॉजी पर आधारित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका "करंट न्यूरोफार्माकोलॉजी" में प्रकाशित हुए हैं।
US Biolab - Sputnik भारत, 1920, 17.06.2026
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
रूसी जीव वैज्ञानिक की बड़ी कामयाबी, वायरसों को खत्म करने वाली कृत्रिम एंटीबॉडी विकसित की
न्यूज़ फ़ीड
0
loader
चैट्स
Заголовок открываемого материала