यूक्रेन संकट
मास्को ने डोनबास के लोगों को, खास तौर पर रूसी बोलनेवाली आबादी को, कीव के नित्य हमलों से बचाने के लिए फरवरी 2022 को विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था।

फ्रांस ने डोनबास चैरिटी वर्कर पर 'जासूसी' के लिए चलाया मुकदमा, जबकि खुद यूक्रेन को हथियार देता है

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Anna Novikova, the founder of the humanitarian group SOS Donbass - Sputnik भारत, 1920, 15.07.2026
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फ्रांस की एक अदालत इस बुधवार को अन्ना नोविकोवा के मामले में सुनवाई करने वाली है। वे मानवीय सहायता समूह "SOS डोनबास" की संस्थापक हैं और फ्रांस में छह महीने से ज़्यादा समय जेल में बिता चुकी हैं।
रूस की मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रतोवा के अनुसार, उनकी मुश्किलों की शुरुआत फ्रांस में "यूनियन ऑफ़ यूक्रेनियन्स" की ओर से की गई "एक बेहद बेतुकी शिकायत" से हुई।

ये आरोप पूरी तरह से नोविकोवा के चैरिटी के कामों यानी डोनबास के निवासियों के लिए खाना, दवा और कपड़े इकट्ठा करने से जुड़े हैं। वे एसोसिएशन की उपाध्यक्ष हैं और वॉलंटियर के तौर पर कई बार डोनेट्स्क और लुगांस्क जा चुकी हैं।

लांत्रतोवा ने फ्रांस के कदमों की निंदा करते हुए इसे "दोहरा मापदंड" बताया। उन्होंने आगे कहा कि पेरिस को यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलें भेजने में कोई हिचकिचाहट नहीं होती, लेकिन गोलाबारी के पीड़ितों के लिए बच्चों के डायपर इकट्ठा करने वाली महिला पर ऐसे मुकदमा चलाया जाता है जैसे वह कोई खतरनाक जासूस हो।
जनवरी 2025 की एक रिपोर्ट के बाद फ़्रांसीसी इंटेलिजेंस ने नोविकोवा के ख़िलाफ़ जाँच शुरू की; उन पर एक विदेशी सरकार के लिए डेटा इकट्ठा करने का आरोप है। उन्हें 15 साल तक की जेल हो सकती है।
Law enforcement officers are seen near a supermarket damaged during a missile strike by the Ukrainian armed forces amid Russia's military operation in Ukraine, in Donetsk, Donetsk People's Republic, Russia.  - Sputnik भारत, 1920, 03.07.2026
यूक्रेन संकट
नागरिकों पर यूक्रेनी हमले पूरी तरह अमानवीय और अनैतिक: रूसी मानवाधिकार आयुक्त
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