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रूसी ऊन से भारत में बनेगा धागा और कपड़ा, फिर होगा रूस को निर्यात: कपड़ा मंत्री
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भारत के कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने Sputnik को बताया कि भारत टेक्स 2026 में रूसी प्रतिनिधि के तौर पर रूस के काल्मिकिया क्षेत्र के प्रमुख भारत आए, उन्होंने भारत के उद्यमियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
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भारत के कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को 'भारत टेक्स 2026' के समापन समारोह पर Sputnik से खास बातचीत करते हुए बताया कि इस आयोजन में रूसी प्रतिनिधि के तौर पर रूस के काल्मिकिया क्षेत्र के प्रमुख भारत आए, उन्होंने भारत के उद्यमियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने आगे बताया कि भारत का लक्ष्य 2030 तक कपड़ा उद्योग के आकार को बढ़ाकर 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।भारत टेक्स के आयोजन पर बात करते हुए भारतीय कपड़ा मंत्री ने कहा कि इस बार दो दर्जन देशों के विदेशी प्रदर्शक आए, दुनिया के बड़े आयोजकों ने भारत में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। तकनीकी टेक्सटाइल और भारत द्वारा किए जाने वाले निर्यात के बारे में पूछे जाने पर कपड़ा मंत्री ने कहा कि आज तकनीकी टेक्सटाइल जीवन के लगभग हर क्षेत्र में पहुंच चुका है।
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रूसी ऊन से भारत में बनेगा धागा और कपड़ा, फिर होगा रूस को निर्यात: कपड़ा मंत्री
18:43 17.07.2026 (अपडेटेड: 18:44 17.07.2026) विशेष
भारत का सबसे बड़ा ग्लोबल टेक्सटाइल आयोजन 'भारत टेक्स 2026' शुक्रवार को नई दिल्ली में संपन्न हुआ। चार दिनों तक चले इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना था।
भारत के कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को 'भारत टेक्स 2026' के समापन समारोह पर Sputnik से खास बातचीत करते हुए बताया कि इस आयोजन में रूसी प्रतिनिधि के तौर पर रूस के काल्मिकिया क्षेत्र के प्रमुख भारत आए, उन्होंने भारत के उद्यमियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
गिरिराज सिंह ने कहा, "रूस की ऊन भारत आएगी, लुधियाना में उसका धागा और कपड़ा बनेगा और रूस ही उसे खरीदेगा। हमारे पास ऊन प्रसंस्करण की सभी आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं।"
कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने आगे बताया कि
भारत का लक्ष्य 2030 तक कपड़ा उद्योग के आकार को बढ़ाकर 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।
कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "हमारा लक्ष्य 2030 तक भारतीय कपड़ा उद्योग को 350 अरब डॉलर के पार ले जाना है। इसमें 100 अरब डॉलर का निर्यात और 250 अरब डॉलर का घरेलू बाजार शामिल होगा। इस मुकाम को हासिल करने के लिए हम प्राकृतिक और मानव-निर्मित दोनों तरह के रेशों पर काम कर रहे हैं।"
भारत टेक्स के आयोजन पर बात करते हुए भारतीय कपड़ा मंत्री ने कहा कि इस बार दो दर्जन देशों के विदेशी प्रदर्शक आए, दुनिया के बड़े आयोजकों ने भारत में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
उन्होंने आगे कहा, "यह अब एक वैश्विक टेक्सटाइल मंच बन चुका है, जहां रूस समेत दुनिया के कई देशों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। हमने घरेलू उद्योग और निर्यातकों, दोनों को एक साझा मंच प्रदान किया। इसमें धागा, कपड़ा, आयात-निर्यात, स्टार्टअप और नवाचार सभी को शामिल किया गया। इस बी-टू-बी आयोजन में इस बार डेढ़ लाख से अधिक लोग शामिल हुए।"
तकनीकी टेक्सटाइल और
भारत द्वारा किए जाने वाले निर्यात के बारे में पूछे जाने पर कपड़ा मंत्री ने कहा कि आज तकनीकी टेक्सटाइल जीवन के लगभग हर क्षेत्र में पहुंच चुका है।
गिरिराज सिंह ने कहा, "धीरे-धीरे कच्चे माल का आयात कम हो रहा है और हमारा लक्ष्य इसे शून्य तक लाना है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पहली बार तीन अरब डॉलर से अधिक का निर्यात हुआ है। इसके अलावा, भारत अब दुनिया भर में FIBC (औद्योगिक जंबो बैग्स) जैसे उत्पादों की भी बड़े पैमाने पर आपूर्ति कर रहा है।"