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अमेरिका के साथ संघर्षविराम के दौरान ईरान ने संभवतः 6 अरब डॉलर तक का तेल बेचा: रिपोर्ट
अमेरिका के साथ संघर्षविराम के दौरान ईरान ने संभवतः 6 अरब डॉलर तक का तेल बेचा: रिपोर्ट
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द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने विश्लेषकों और गैर-लाभकारी संगठन यूनाइटेड अगेंस्ट न्यूक्लियर ईरान (UANI) के आंकड़ों के हवाले से बताया कि ईरान ने अमेरिका के साथ लगभग एक... 19.07.2026, Sputnik भारत
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इस रिपोर्ट का दावा है कि अमेरिका द्वारा दोबारा प्रतिबंध थोपे जाने से पहले, ईरान ने तेल बेचकर अपने वित्तीय भंडार को मजबूत कर लिया। जून में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि अमेरिकी बलों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी हटा दी। इसके बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटा दिए हैं, ईरान की कुछ संपत्तियों को मुक्त किया है और देश के पुनर्निर्माण के लिए एक योजना शुरू की है। जुलाई में ट्रंप ने कहा कि उन्हें नौसैनिक नाकाबंदी हटाने का कोई अफसोस नहीं है और वॉशिंगटन ने तेहरान को समझौते तक पहुंचने का अवसर दिया।तेहरान और वॉशिंगटन ने 18 जून की रात उस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका उद्देश्य 28 फरवरी से जारी संघर्ष को समाप्त करना था।लेकिन 8 जुलाई से अमेरिकी सेना ने ईरान पर कई चरणों में हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया था कि ये हमले होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों के ख़िलाफ़ ईरान की कार्रवाइयों के जवाब में किए गए।इसके बाद ईरान ने मध्य पूर्व के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए। तेहरान ने अमेरिका पर संघर्षविराम संबंधी समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, जबकि 9 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि युद्धविराम अब लागू नहीं है।
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अमेरिका के साथ संघर्षविराम के दौरान ईरान ने संभवतः 6 अरब डॉलर तक का तेल बेचा: रिपोर्ट
15:43 19.07.2026 (अपडेटेड: 15:44 19.07.2026) द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने विश्लेषकों और गैर-लाभकारी संगठन यूनाइटेड अगेंस्ट न्यूक्लियर ईरान (UANI) के आंकड़ों के हवाले से बताया कि ईरान ने अमेरिका के साथ लगभग एक महीने तक चले संघर्षविराम और उसके बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी हटने के दौरान लगभग 7 करोड़ बैरल तेल बेचकर 5 से 6 अरब डॉलर की आय अर्जित की हो सकती है।
इस रिपोर्ट का दावा है कि अमेरिका द्वारा दोबारा प्रतिबंध थोपे जाने से पहले, ईरान ने तेल बेचकर अपने वित्तीय भंडार को मजबूत कर लिया।
जून में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि अमेरिकी बलों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी हटा दी। इसके बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटा दिए हैं, ईरान की कुछ संपत्तियों को मुक्त किया है और देश के पुनर्निर्माण के लिए एक योजना शुरू की है। जुलाई में ट्रंप ने कहा कि उन्हें नौसैनिक नाकाबंदी हटाने का कोई अफसोस नहीं है और वॉशिंगटन ने तेहरान को समझौते तक पहुंचने का अवसर दिया।
तेहरान और वॉशिंगटन ने 18 जून की रात उस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका उद्देश्य 28 फरवरी से जारी संघर्ष को समाप्त करना था।
लेकिन 8 जुलाई से अमेरिकी सेना ने ईरान पर कई चरणों में हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया था कि ये हमले होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों के ख़िलाफ़ ईरान की कार्रवाइयों के जवाब में किए गए।
इसके बाद ईरान ने मध्य पूर्व के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए। तेहरान ने अमेरिका पर संघर्षविराम संबंधी समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, जबकि 9 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि युद्धविराम अब लागू नहीं है।