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रूस में नई तकनीक से रोबोट सर्जरी के बाद मरीजों की रिकवरी में तेजी लाएंगे

© AP Photo / Sang TanA research team member looks through a microscope of bacteria use for producing anti-body against malaria at Westminster University in London.
A research team  member looks through a microscope of bacteria use for producing anti-body against malaria at Westminster University in London. - Sputnik भारत, 1920, 28.07.2026
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रूस के सुदूर पूर्वी संघीय विश्वविद्यालय (FEFU) के वैज्ञानिकों ने एक नया सॉफ्टवेयर विकसित किया है, जो रोबोटिक प्रशिक्षण प्रणाली के माध्यम से चोट, सर्जरी या स्ट्रोक के बाद हाथों की मांसपेशियों और जोड़ों के पुनर्वास को अधिक तेज़ और सुरक्षित बना सकता है।
यह एल्गोरिदम रोबोटिक ट्रेनर के इलेक्ट्रिक मोटरों की गति को नियंत्रित करता है, झटकों को रोकता है और मरीज के अंगों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता। इस शोध के परिणाम "कंप्यूटर नैनोप्रौद्योगिकी" पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।
FEFU के मुताबिक, चोट, सर्जरी, न्यूरोलॉजिकल बीमारियों या स्ट्रोक के बाद हाथों की मांसपेशियों की ताकत बहाल करने के लिए कई मामलों में मैकेनोथेरेपी की आवश्यकता होती है। इसमें रोबोटिक ट्रेनर का उपयोग किया जाता है, जो मरीज के अंगों पर पड़ने वाले भार को नियंत्रित करने में सक्षम होता है।
परियोजना के रचनाकारों में से एक, FEFU के सूचना और कंप्यूटर प्रणाली विभाग के प्रोफेसर येवगेनी पुस्तोवालोव ने कहा, "घरेलू और विदेशी दोनों तरह के रोबोटिक ट्रेनर उपलब्ध हैं, लेकिन उनमें कुछ महत्वपूर्ण कमियां हैं। वे पूरी तरह से सहज और निरंतर गति सुनिश्चित नहीं कर पाते, जिससे पुनर्वास की प्रक्रिया लंबी हो सकती है। इसके अलावा, वे मरीज की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को याद नहीं रखते, जिसके कारण पुनर्वास विशेषज्ञों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ता है। डॉक्टरों को हर मरीज के लिए रोबोट की सेटिंग्स अलग से बदलनी पड़ती हैं।"
FEFU के वैज्ञानिकों ने एक नई प्रणाली विकसित की है, जो मैकेनोथेरेपी के लिए उपयोग किए जाने वाले रोबोटिक ट्रेनरों के इलेक्ट्रिक मोटरों की गति को अधिक सुचारु बनाती है और उपकरण की सेटिंग्स को प्रत्येक मरीज के अनुसार अनुकूलित करने की सुविधा देती है।

पुस्तोवालोव ने कहा, "नया एल्गोरिदम मरीजों को हाथों की गतिशीलता तेजी से बहाल करने में मदद करेगा। साथ ही पुनर्वास विशेषज्ञों का नियमित प्रक्रियाओं पर खर्च होने वाला समय भी कम होगा।"

विशेषज्ञ के मुताबिक, विकसित सॉफ्टवेयर से लैस नए रोबोटिक ट्रेनर का प्रोटोटाइप FEFU मेडिकल कॉम्प्लेक्स में परीक्षण पूरा होने के बाद अगले तीन वर्षों में उत्पादन के लिए भेज दिया जाएगा।
Optical microscope of the SSU Laboratory of Optics and Biophotonics - Sputnik भारत, 1920, 27.07.2026
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