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भारत ने समुद्र में तेल-गैस की खोज तेज करने के लिए 84,084 करोड़ की दी मंजूरी
भारत ने समुद्र में तेल-गैस की खोज तेज करने के लिए 84,084 करोड़ की दी मंजूरी
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भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट ने समुद्र में तेल-गैस खोजने के लिए समुद्र मंथन: नेशनल ऑफशोर एक्सप्लोरेशन योजना के लिए 84,084 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी।
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यह योजना गहरे पानी में खोज करने, भूकंपीय सर्वेक्षण, वैज्ञानिक तरीके से गहरी ड्रिलिंग और विश्वस्तरीय समुद्री ढांचे के विकास को तेज करेगी।इस योजना में डिजिटल प्रबंधन व्यवस्था, विशेषज्ञों के प्रशिक्षण, नई तकनीकों को अपनाने, सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसका योजना का उद्देश्य ऐसा एकीकृत तंत्र तैयार करना है, जिससे देश में समुद्र में तेल और गैस की खोज तथा उत्पादन की रफ्तार तेज हो सके।कैबिनेट मीटिंग के बाद घोषणा करते हुए, रेलवे और सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 84,000 करोड़ रुपये की समुद्र मंथन योजना का मकसद घरेलू तेल और गैस के भंडार और उत्पादन को बढ़ाना है। सरकार द्वारा जारी किए गए बयान में बताया गया कि समुद्र मंथन से 600 मिलियन मीट्रिक टन से ज्यादा तेल और गैस भंडार में बढ़ोतरी होने के साथ साथ समुद्र में तेल-गैस खोज गतिविधियों में तेजी आएगी। इस योजना के बाद घरेलू तेल और गैस उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
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भारत ने समुद्र में तेल-गैस की खोज तेज करने के लिए 84,084 करोड़ की दी मंजूरी
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट ने समुद्र में तेल-गैस खोजने के लिए समुद्र मंथन: नेशनल ऑफशोर एक्सप्लोरेशन योजना के लिए 84,084 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी।
यह योजना गहरे पानी में खोज करने, भूकंपीय सर्वेक्षण, वैज्ञानिक तरीके से गहरी ड्रिलिंग और विश्वस्तरीय समुद्री ढांचे के विकास को तेज करेगी।
इस योजना में डिजिटल प्रबंधन व्यवस्था, विशेषज्ञों के प्रशिक्षण, नई तकनीकों को अपनाने, सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसका योजना का उद्देश्य ऐसा एकीकृत तंत्र तैयार करना है, जिससे देश में समुद्र में तेल और गैस की खोज तथा उत्पादन की रफ्तार तेज हो सके।
कैबिनेट मीटिंग के बाद घोषणा करते हुए, रेलवे और सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 84,000 करोड़ रुपये की समुद्र मंथन योजना का मकसद घरेलू तेल और गैस के भंडार और उत्पादन को बढ़ाना है।
उन्होंने कहा, "ऐसे समय में जब तेल और गैस की बहुत ज्यादा मांग है, यह योजना क्रांतिकारी कदम साबित होगी और विदेशी मुद्रा बचाएगी।"
सरकार द्वारा जारी किए गए बयान में बताया गया कि समुद्र मंथन से 600 मिलियन मीट्रिक टन से ज्यादा तेल और गैस भंडार में बढ़ोतरी होने के साथ साथ
समुद्र में तेल-गैस खोज गतिविधियों में तेजी आएगी। इस योजना के बाद घरेलू तेल और गैस उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।