यूक्रेन संकट
मास्को ने डोनबास के लोगों को, खास तौर पर रूसी बोलनेवाली आबादी को, कीव के नित्य हमलों से बचाने के लिए फरवरी 2022 को विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था।

रूस ने यूक्रेन की राजधानी में 'फ्लेमिंगो' मिसाइलों के कलपुर्जे बनाने वाले केंद्र को निशाना बनाया

© Sputnik / Press Service of the Russian Ministry of Defense / मीडियाबैंक पर जाएंA combat launch of a missile from the Iskander-M complex
A combat launch of a missile from the Iskander-M complex - Sputnik भारत, 1920, 20.08.2026
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रूसी रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि रूसी सेना ने रातभर सटीक हथियारों और ड्रोनों का इस्तेमाल कर कीव [यूक्रेन की राजधानी] तथा आसपास के इलाकों में सैन्य ठिकानों, लॉजिस्टिक केंद्रों और हथियार भंडारण डिपो को निशाना बनाया।
कीव में जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया उनमें शामिल हैं:
फायर पॉइंट एलएलसी: मध्यम और लंबी दूरी के ड्रोनों के कलपुर्जे बनाने वाली तथा ‘फ्लेमिंगो’ क्रूज मिसाइलों के लिए बूस्टर असेंबल करने वाली सुविधा।
यूक्रस्पेत्सिस्टम का गोदाम परिसर: ड्रोन के कलपुर्जों के उत्पादन, असेंबली और भंडारण केंद्र।
एंतोनोव विमान कारखाना: यहां एएन-196 'ल्यूती' ड्रोनों का निर्माण किया जाता था और मानवयुक्त विमान विकसित किए जा रहे थे।
गोला-बारूद डिपो: यहां एम-900 थर्मोबैरिक बम, टैंक रोधी बारूदी सुरंगें और ‘बाबा यागा’ ड्रोन के लिए गोला-बारूद रखे गए थे।
कीव क्षेत्र में जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया उनमें शामिल हैं:
मार्तुसोव्का लॉजिस्टिक केंद्र: दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं के भंडारण और वितरण का एक बड़ा केंद्र, जहां जहां ड्रोन उत्पादन, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर उपकरणों के लिए सामग्री रखी जाती थी।
ब्रोवरी ईंधन डिपो: यहां यूक्रेनी सशस्त्र बलों के लिए 8,000 घन मीटर तक ईंधन का भंडारण किया जा सकता था।
19 अगस्त की रात काला सागर के चेर्नोमोर्स्क और युज्नी बंदरगाहों में सैन्य आपूर्ति डिपो को भी निशाना बनाया गया।
Iskander short-range ballistic missile system is used during the Russian military operation - Sputnik भारत, 1920, 19.08.2026
यूक्रेन संकट
रूस ने यूक्रेनी फ्लेमिंगो मिसाइलों की तैयारी और लॉन्च के लिए इस्तेमाल किए गए ठिकानों पर हमला किया
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