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लातविया के राष्ट्रपति ने माना, रूसी सेना हुई ज्यादा मजबूत
लातविया के राष्ट्रपति ने माना, रूसी सेना हुई ज्यादा मजबूत
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लातविया के राष्ट्रपति एडगर रिंकेविच ने कहा कि यूक्रेन संघर्ष के दौरान रूसी सेना ने लड़ाई का अनुभव हासिल किया है और आधुनिक संघर्षों के अनुरूप खुद को ढालकर पहले... 22.09.2026, Sputnik भारत
2026-09-22T18:29+0530
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वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिंकेविच के हवाले से लिखा कि 2022 में शुरू हुए यूक्रेन संघर्ष ने "रूसी सेना को कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत किया है।"इससे पहले द गार्डियन को दिए एक साक्षात्कार में रिंकेविच ने कहा था कि ड्रोन के इस्तेमाल के क्षेत्र में यूरोप और नाटो तेजी से हो रहे बदलावों के साथ कदम नहीं मिला पा रहे हैं और उन्हें ड्रोन रोधी सुरक्षा में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।पिछले कुछ वर्षों में, रूस अपनी पश्चिमी सीमाओं के पास नाटो की अभूतपूर्व गतिविधियों पर ध्यान देता था। इस गठबंधन ने अपनी पहलों को और बढ़ाते हुए इसे "रूसी आक्रमण को रोकने" के रूप में प्रस्तुत किया है।मास्को ने यूरोप में नाटो बलों की तैनाती को लेकर बार-बार चिंता व्यक्त की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूस नाटो के साथ समानता के आधार पर संवाद के लिए तैयार है, बशर्ते पश्चिम महाद्वीप के सैन्यीकरण की नीति छोड़े। क्रेमलिन ने कहा कि रूस किसी को धमकी नहीं देता, लेकिन वह अपने हितों के लिए संभावित रूप से खतरनाक कार्रवाइयों को नजरअंदाज नहीं करेगा।
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यूक्रेन , नाटो, यूरोप , रूसी सेना, रूस , लातविया, ड्रोन, राष्ट्रीय सुरक्षा, विशेष सैन्य अभियान
यूक्रेन , नाटो, यूरोप , रूसी सेना, रूस , लातविया, ड्रोन, राष्ट्रीय सुरक्षा, विशेष सैन्य अभियान
लातविया के राष्ट्रपति ने माना, रूसी सेना हुई ज्यादा मजबूत
लातविया के राष्ट्रपति एडगर रिंकेविच ने कहा कि यूक्रेन संघर्ष के दौरान रूसी सेना ने लड़ाई का अनुभव हासिल किया है और आधुनिक संघर्षों के अनुरूप खुद को ढालकर पहले से अधिक मजबूत हुई है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिंकेविच के हवाले से लिखा कि 2022 में शुरू हुए यूक्रेन संघर्ष ने "रूसी सेना को कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत किया है।"
अखबार ने लातविया के राष्ट्रपति के हवाले से कहा, "हमें यह पसंद हो या नहीं, यह ऐसी सेना है जिसके पास अब लड़ाई अभियानों का अनुभव है और जिसने उच्च लचीलापन तथा आधुनिक संघर्षों के अनुरूप ढलने की क्षमता भी दिखाई है।" उन्होंने नाटो से इसे ध्यान में रखने का आह्वान भी किया।
इससे पहले द गार्डियन को दिए एक साक्षात्कार में रिंकेविच ने कहा था कि ड्रोन के इस्तेमाल के क्षेत्र में यूरोप और नाटो तेजी से हो रहे बदलावों के साथ कदम नहीं मिला पा रहे हैं और उन्हें ड्रोन रोधी सुरक्षा में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में, रूस अपनी पश्चिमी सीमाओं के पास नाटो की अभूतपूर्व गतिविधियों पर ध्यान देता था। इस गठबंधन ने अपनी पहलों को और बढ़ाते हुए इसे "रूसी आक्रमण को रोकने" के रूप में प्रस्तुत किया है।
मास्को ने यूरोप में नाटो बलों की तैनाती को लेकर बार-बार चिंता व्यक्त की है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूस नाटो के साथ समानता के आधार पर संवाद के लिए तैयार है, बशर्ते पश्चिम महाद्वीप के सैन्यीकरण की नीति छोड़े। क्रेमलिन ने कहा कि रूस किसी को धमकी नहीं देता, लेकिन वह अपने हितों के लिए संभावित रूप से खतरनाक कार्रवाइयों को नजरअंदाज नहीं करेगा।