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IBSA बैठक: भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका ने UNSC सुधार की मांग दोहराई
IBSA बैठक: भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका ने UNSC सुधार की मांग दोहराई
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भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका ने 81वीं UNGA के दौरान हुई IBSA विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बड़े सुधार के लिए अपने समर्थन दोहराते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला और ब्राज़ील के विदेश मंत्री माउरो विएरा शामिल हुए। तीनों देशों ने UN सुधार, आतंकवाद, वैश्विक शासन और वैश्विक दक्षिण के सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर एक संयुक्त बयान जारी किया।इससे पहले भी भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका कई बार सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी सदस्यता की दोनों श्रेणियों के विस्तार की वकालत कर चुके हैं।तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने विकासशील देशों पर संघर्षों के प्रभाव, खासकर ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की कमी, महंगाई और वित्तीय दबाव को लेकर भी चिंता जताई।वहीं आतंकवाद पर बयान में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई और "आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस" की बात दोहराई गई।
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IBSA बैठक: भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका ने UNSC सुधार की मांग दोहराई
भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका ने 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान हुई IBSA (भारत–ब्राज़ील–दक्षिण अफ्रीका संवाद मंच) विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बड़े सुधार के लिए अपने समर्थन दोहराते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला और ब्राज़ील के विदेश मंत्री माउरो विएरा शामिल हुए। तीनों देशों ने UN सुधार, आतंकवाद, वैश्विक शासन और वैश्विक दक्षिण के सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर एक संयुक्त बयान जारी किया।
UNSC में सुधार को लेकर IBSA मंत्रियों ने कहा कि वे "UNSC में बड़े सुधार का समर्थन करते हैं, ताकि इसे अधिक लोकतांत्रिक, प्रतिनिधित्वपूर्ण, वैध और आज की वैश्विक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने वाला बनाया जा सके।"
इससे पहले भी भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका कई बार सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी सदस्यता की दोनों श्रेणियों के विस्तार की वकालत कर चुके हैं।
तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने विकासशील देशों पर संघर्षों के प्रभाव, खासकर ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की कमी, महंगाई और वित्तीय दबाव को लेकर भी चिंता जताई।
वहीं आतंकवाद पर बयान में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई और "आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस" की बात दोहराई गई।