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अडानी का कोलंबो में बड़ा विस्तार, हिंद महासागर में भारत की समुद्री पहुंच मजबूत
अडानी का कोलंबो में बड़ा विस्तार, हिंद महासागर में भारत की समुद्री पहुंच मजबूत
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अडानी पोर्ट्स ने 75 करोड़ डॉलर के फेज़-2 विस्तार के बाद कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल (CWIT) की क्षमता दोगुनी कर 32 लाख TEU कर दी है। इससे श्रीलंका को क्षेत्रीय ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में मजबूत होने में मदद मिलेगी।
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श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या ने इस विस्तार का उद्घाटन किया। इससे CWIT को 2028 तक कोलंबो पोर्ट की सालाना 1.3 करोड़ TEU क्षमता के लक्ष्य का करीब 25% हिस्सा संभालने में मदद मिलेगी।ये आंकड़े CWIT की ग्रोथ की रफ़्तार दिखाते हैं। अप्रैल 2025 में शुरू हुए इस टर्मिनल ने संचालन के पहले साल में 10 लाख TEU (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) हैंडल किए और पहले 18 महीनों में यह आंकड़ा 20 लाख TEU तक पहुंच गया।इस विस्तार के बाद श्रीलंका के पहले पूरी तरह ऑटोमेटेड गहरे पानी वाले कंटेनर टर्मिनल पर एक साथ तीन बड़े कंटेनर जहाज खड़े हो सकेंगे।इससे कोलंबो पूर्व-पश्चिम समुद्री व्यापार मार्ग पर एक अहम ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में और मजबूत होगा।भारत के लिए फेज़-2 विस्तार रणनीतिक महत्व रखता है। कोलंबो दुनिया के सबसे व्यस्त पूर्व-पश्चिम समुद्री रास्तों में से एक के पास है, जो एशिया और यूरोप जैसे बड़े बाजारों को जोड़ता है।अडानी के टर्मिनल की क्षमता बढ़ने से हिंद महासागर में भारत की समुद्री व्यापार में भागीदारी और मजबूत होगी।
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अडानी का कोलंबो में बड़ा विस्तार, हिंद महासागर में भारत की समुद्री पहुंच मजबूत
अडानी पोर्ट्स ने फेज़-2 विस्तार के बाद कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल (CWIT) की क्षमता दोगुनी कर सालाना 32 लाख TEU कर दी है। कंपनी ने इसमें कुल 75 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। इससे श्रीलंका को क्षेत्रीय ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में मजबूत होने में मदद मिलेगी।
श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या ने इस विस्तार का उद्घाटन किया। इससे CWIT को 2028 तक कोलंबो पोर्ट की सालाना 1.3 करोड़ TEU क्षमता के लक्ष्य का करीब 25% हिस्सा संभालने में मदद मिलेगी।
ये आंकड़े CWIT की ग्रोथ की रफ़्तार दिखाते हैं। अप्रैल 2025 में शुरू हुए इस टर्मिनल ने संचालन के पहले साल में 10 लाख TEU (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) हैंडल किए और पहले 18 महीनों में यह आंकड़ा 20 लाख TEU तक पहुंच गया।
इस विस्तार के बाद श्रीलंका के पहले पूरी तरह ऑटोमेटेड गहरे पानी वाले कंटेनर टर्मिनल पर एक साथ तीन बड़े कंटेनर जहाज खड़े हो सकेंगे।
इससे कोलंबो पूर्व-पश्चिम समुद्री व्यापार मार्ग पर एक अहम ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में और मजबूत होगा।
भारत के लिए फेज़-2 विस्तार रणनीतिक महत्व रखता है। कोलंबो दुनिया के सबसे व्यस्त पूर्व-पश्चिम समुद्री रास्तों में से एक के पास है, जो एशिया और यूरोप जैसे बड़े बाजारों को जोड़ता है।
अडानी के टर्मिनल की क्षमता बढ़ने से हिंद महासागर में भारत की समुद्री व्यापार में भागीदारी और मजबूत होगी।