"ये बड़े-बड़े शिप, हवा से भी तेज गति से चलने वाले हवाई जहाज, पनडुब्बियां, ये अपनी जगह पर है। लेकिन जो जज्बा आपमें है, वो उसको भी जानदार बना देता है", मोदी ने नौसेना के साथ दिवाली मनाते हुए कहा।
"ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों ने ऑपरेशन सिंदूर में अपनी क्षमता साबित की है। ब्रह्मोस का नाम सुनते ही कई लोगों को चिंता हो जाती कि ब्रह्मोस आ रहा है क्या? दुनिया के कई देश इन मिसाइलों को खरीदना चाहते हैं," प्रधानमंत्री मोदी ने कहा।
रक्षा विनिर्माण में देश की प्रगति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि "भारत तीनों ही सेनाओं के लिए हथियार और उपकरण निर्यात करने की क्षमता का निर्माण कर रहा है। हमारा लक्ष्य है कि भारत पूरी दुनिया के टॉप डिफेंस एक्सपोर्टर देशों में शामिल हो। पिछले एक दशक में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट 30 गुना से अधिक बढ़ गया है और हमारी सफलता के पीछे बहुत बड़ी भूमिका डिफेंस स्टार्टअप और स्वदेशी डिफेंस इकाइयों की है।"