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परीक्षण के लिए तैयार 'अग्निकुल' स्टार्टअप का पहला निजी रॉकेट सेट 'अग्निबाण' क्या है?

© Photo / Agnikul CosmosAgnibaan
Agnibaan - Sputnik भारत, 1920, 12.03.2024
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भारत अंतरिक्ष को लेकर बहुत तेजी से प्रगति की ओर अग्रसर है। इसरो के अलावा अब निजी कंपनियाँ भी इस क्षेत्र में बढ़चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।
IIT-मद्रास में स्थापित एक अंतरिक्ष-तकनीक स्टार्टअप अग्निकुल कॉसमॉस अपने बहुप्रतीक्षित लॉन्च वाहन अग्निबाण के पहले लॉन्च के लिए पूरी तरह तैयार है।
कंपनी ने ऐलान किया है कि इस महीने के 22 से 28 मार्च के बीच अग्निबाण का पहला उप-कक्षीय लॉन्च किया जाएगा। जिसे एयरोस्पेस कंपनी के मुताबिक लॉन्च का सबऑर्बिटल टेक्नोलॉजिकल डिमॉन्स्ट्रेटर (SOrTeD) कहा जाता है। अग्निबाण 3-डी प्रिंटेड सब-ऑर्बिटल रॉकेट का लॉन्च श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से कंपनी के निजी लॉन्च पैड से किया जाएगा।
भारत के दूसरे निजी तौर पर निर्मित रॉकेट के लिए लॉन्च विंडो की घोषणा अग्निकुल कॉसमॉस स्टार्टअप द्वारा एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से की गई।

अग्निकुल कॉसमॉस ने सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, "22-28 मार्च, 2024।"

Sputnik भारत ने इस 3-डी प्रिंटेड रॉकेट अग्निबाण के बारे में जानने की कोशिश की।

अग्निबाण क्या है?

अग्निबाण रॉकेट को छोटे उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा में प्रक्षेपित करने वाले वाहन के रूप में देखा जा रहा है।
भारत सरकार ने अंतरिक्ष में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की छूट दी है तब से देश में अंतरिक्ष बाजार के और बढ़ने की उम्मीद है, इसलिए कंपनी का लक्ष्य कई मिलियन डॉलर के उपग्रह प्रक्षेपण बाजार को पूरा करना है।
यह लॉन्च वाहन 18 मीटर लंबा,1.3 मीटर चौड़ा और 14,000 किलोग्राम भार का है,जिसकी मदद से अधिकतम 100 किलोग्राम का पेलोड 700 किमी की ऊंचाई तक भेजा जा सकता है।
© Photo : X/Agnikul CosmosAgnibaan SubOrbital Technological Demonstrator (SOrTeD) is seen at Agnikul's Launchpad at Satish Dhawan Space Center in Sriharikota, India, November 28, 2022.
Agnibaan SubOrbital Technological Demonstrator (SOrTeD) is seen at Agnikul's Launchpad at Satish Dhawan Space Center in Sriharikota, India, November 28, 2022. - Sputnik भारत, 1920, 12.03.2024
Agnibaan SubOrbital Technological Demonstrator (SOrTeD) is seen at Agnikul's Launchpad at Satish Dhawan Space Center in Sriharikota, India, November 28, 2022.
इसमें पहले चरण में सात इग्नाइट इंजन लगे हैं, जिनमें से प्रत्येक समुद्र तल पर 25 kN का जोर देता है। इसके बाद दूसरा चरण भी इग्नाइट इंजन द्वारा संचालित है जिसे अंतरिक्ष के निर्वात में 355 सेकंड तक प्रज्वलित किया जा सकता है।

इसका डिजाइन कैसा है?

इस लॉन्च वाहन को किसी भी जगह से इग्नाइट करने की आवश्यकता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इस वाहन को धनुष नामक लॉन्च पैडस्टल पर रखा जा सकता है। अग्निकुल के मुताबिक इसके (वर्तमान संस्करणों के) विपरीत, धनुष कई उपयोगों के लिए है और इसे स्थायित्व और परिवहन क्षमता को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
अग्निबाण एक तीन-चरण वाला रॉकेट है, लेकिन पहले परीक्षण लॉन्च में घरेलू एग्निलेट इंजन द्वारा संचालित एकल-चरण लॉन्च वाहन का ही इस्तेमाल किया जाएगा।
India successfully testfires Agni Prime new generation missile off Odisha Coast - Sputnik भारत, 1920, 11.03.2024
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