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भारत ने S-400 वायु रक्षा प्रणाली की 5 नई स्क्वाड्रन की खरीद को मंज़ूरी दी

© AP Photo / Dmitry LovetskyA S-400 air defense missile system stands in a testing camera during the opening of a testing facility in St. Petersburg, Russia, Friday, Jan. 23, 2015. The S-400 is Russia's latest long-range air defense missile system.
A S-400 air defense missile system stands in a testing camera during the opening of a testing facility in St. Petersburg, Russia, Friday, Jan. 23, 2015. The S-400 is Russia's latest long-range air defense missile system.  - Sputnik भारत, 1920, 27.03.2026
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भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्त होने से ठीक पहले शुक्रवार को 2.38 लाख करोड़ रुपए के रक्षा उपकरणों की खरीद को मंज़ूरी दे दी। इसमें किसी हवाई हमले से निपटने के लिए S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की पांच नई स्क्वाड्रन और 155 मिमी की स्वदेशी धनुष तोप शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त सेना के लिए मध्यम भार के परिवहन विमानों की खरीद भी की जाएगी। रक्षा मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी दी है कि इस वित्तीय वर्ष में 6.73 लाख करोड़ रुपए के 55 रक्षा सौदों को मंज़ूरी दी गई है।
भारत अपनी हवाई सुरक्षा को लगातार सुदृढ़ कर रहा है। रक्षा मंत्रालय की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम एस-400 की पांच नई स्क्वाड्रन की खरीद को मंज़ूरी दी है। भारत ने 2018 में रूस के साथ एस-400 की पांच स्क्वाड्रन का सौदा किया था जिसमें से तीन स्क्वाड्रन भारतीय वायुसेना को मिल चुकी हैं। शेष दो स्क्वाड्रन के इस वर्ष भारत पहुंचने की आशा है।
भारतीय सेना के एयर डिफेंस के लिए एयर डिफेंस ट्रेक्ड सिस्टम और रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम भी खरीदे जाएंगे। ये दोनों ही सिस्टम निगरानी ड्रोन के ऑपरेशन में प्रयोग किए जाते हैं। भारतीय वायुसेना के लिए हमला करने वाले ड्रोन खरीदने को भी स्वीकृति दे दी गई है।
इसके अतिरिक्त भारतीय वायुसेना की रीढ़ माने जाने वाले सुखोई-30 लड़ाकू जेट के इंजिन के ओवरहॉल को भी मंज़ूरी दी गई है। भारतीय वायुसेना के लिए मध्यम भार उठाने वाले 60 परिवहन विमान भी खरीदे जाएंगे। इनमें से 12 विमान निर्माता तैयार स्थिति में देगा जबकि शेष 48 का निर्माण भारत में स्वदेशी सहयोग से किया जाएगा।
भारतीय सेना के तोपखाने को नई शक्ति देने के लिए 155 मिमी कैलिबर की स्वदेशी धनुष तोप की खरीद को भी स्वीकृति मिली है। कुल 300 धनुष तोपों की खरीद की जाएगी। भारतीय सेना का पहले 116 धनुष तोपों का सौदा हो चुका है जिनमें से ज्यादातर भारतीय सेना को दी जा चुकी हैं। नई स्वीकृति के बाद सेना के पास धनुष तोपों की संख्या 416 हो जाएगी।
रक्षा मंत्रालय ने तटरक्षक बल के लिए तीव्र गति से चलने वाली एयर कुशन गाड़ियों की खरीद को भी स्वीकृति दी है। ऐसे वाहनों का इस्तेमाल तटीय क्षेत्रों में निगरानी के लिए किया जाता है।
Tunguska antiaircraft gun / surface-to-air missile system - Sputnik भारत, 1920, 27.03.2026
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