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भारत की ड्रोन युद्ध की तैयारी तेज़, दो नए सिस्टम बनेंगे

© Photo : Grene RoboticsIndrajaal: India's First AI-Powered Anti-Drone System Unveiled
Indrajaal: India's First AI-Powered Anti-Drone System Unveiled - Sputnik भारत, 1920, 26.05.2026
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इस समय युद्धों में हमले के लिए ड्रोन सबसे खतरनाक और असरदार हथियारों में से एक बनकर उभरे हैं। भारत अपने अहम सैन्य ठिकानों को ड्रोन हमलों से सुरक्षित रखने के लिए दो नए सिस्टम बना रहा है।
इनमें से एक केबल से जुड़ा टेथर्ड ड्रोन होगा, जबकि दूसरा नेटवर्क आधारित एयर माइन काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम होगा। यह सिस्टम हवा में होने वाले बदलावों को भांपकर हमलावर ड्रोन झुंड यानी स्वार्म ड्रोन का पता लगाएगा और उसकी सूचना देगा।
रक्षा उद्योग के सूत्रों से Sputnik को मिली जानकारी के अनुसार, दोनों ड्रोन-रोधी सिस्टम स्वदेशी रक्षा उद्योग द्वारा बनाए जा रहे हैं। इन प्रयासों को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के ठिकानों को ड्रोन हमलों से मजबूत सुरक्षा देने के लिए तेज़ किया गया है।
टेथर्ड ड्रोन अहम सैन्य ठिकानों, सैन्य उपकरणों और आगे बढ़ रही सैन्य टुकड़ियों को भी सुरक्षा प्रदान करेगा। यह सिस्टम केवल एक ड्रोन और उसके कंट्रोल स्टेशन पर आधारित होगा, जिससे उसे ज्यादा गतिशील बनाया जा सके।
इस ड्रोन का सेंसर दिन-रात लगातार वीडियो भेजेगा, जिससे आसपास के क्षेत्र पर नज़र रखी जा सकेगी। यह ड्रोन 1,000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर उड़कर 10 किमी के क्षेत्र की निगरानी कर सकेगा। यह केबल से जुड़े रहकर 24 घंटे तक और केबल से अलग होकर 40-45 मिनट तक काम कर सकता है।
दुश्मन के ड्रोन हमले की पूर्व सूचना के लिए एयर माइन काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम भी बनाया जा रहा है। इस सिस्टम में कई सेंसरों का नेटवर्क होगा, जो हवा में ड्रोन की उड़ान से होने वाले बदलावों को भांपकर दिन-रात लगातार किसी भी ड्रोन हमले की सूचना देंगे और उसका पीछा करेंगे।
इस सिस्टम का कंट्रोल सेंटर एक लैपटॉप होगा, जो सभी सेंसरों से मिले डेटा का आकलन करेगा और हमले से जुड़ी जानकारी संकलित करेगा। हर सेंसर 2,000 मीटर तक की ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन या स्वार्म ड्रोन की सटीक जानकारी कंट्रोल सेंटर को तुरंत और लगातार भेजता रहेगा।
India's supersonic Brahmos cruise missiles pass during a full dress rehearsal of a Republic Day parade in New Delhi, India, Thursday, Jan. 23, 2003. The Brahmos missile will be displayed for the first time on the 55th Indian Republic Day on Jan. 26. The missile is being developed jointly by Russian and Indian scientists. Brahmos missile can hit underwater and overland targets located between 100 to 300 kilometers (60 to 180 miles) away and is expected to be inducted into the Indian Navy by 2004. (AP Photo/Ajit Kumar) - Sputnik भारत, 1920, 18.05.2026
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