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भारतीय नौसेना को मिला शत्रु सबमरीन का नया शिकारी

© Photo : Government of IndiaIndian Navy Day Celebration
Indian Navy Day Celebration - Sputnik भारत, 1920, 22.07.2026
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कम गहरे पानी में शत्रु की पनडुब्बियों को नष्ट करने वाले यानि Anti-Submarine Warfare Shallow Water Craft (ASW-SWC) युद्धपोत आईएनएस मालवन को 22 जुलाई को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।
मालवन अपनी श्रेणी का दूसरा युद्धपोत है और ऐसे 8 यु्द्धपोत कोच्चि स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) में बनाए जा रहे हैं। ऐसी ही क्षमताओं के 8 अन्य युद्धपोतों का निर्माण कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) भी किया जा रहा है जिन्हें अरनाला श्रेणी का नाम दिया गया है।

इस युद्धपोत का भार लगभग 1000 टन है और इतने कम भार के कारण यह समुद्र तटों के आसपास आसानी से तैर सकता है। इसे अत्याधुनिक अस्त्रों, सेंसर और संचार के साधनों से लैस किया गया है जिससे यह समुद्र की सतह के नीचे शत्रु का पता लगा सकता है। इसके आधुनिक तकनीक से बने उपकरण और नियंत्रण प्रणालियां इसे लंबे समय तक अभियान चलाने में सक्षम बनाते हैं।

यह समुद्र तटों के आसपास चौकसी कर सकता है साथ ही राहत और बचाव अभियानों, तटीय सुरक्षा और हल्की नौसैनिक कार्रवाइयों में भाग ले सकता है।
यह 25 नॉटिकल मील की गति से एक बार में 1800 नॉटिकल मील तक यात्रा कर सकता है। इसमें 57 नौसैनिक तैनात किए जा सकते हैं। यह युद्धपोत शत्रु की पनडुब्बियों से निबटने के लिए एंटी सबमरीन रॉकेट्स, टॉरपीडो से लैस है और समुद्र की सतह पर बारूदी सुरंगें भी बिछा सकता है। इसमें शत्रु के पोतों पर हमला करने के लिए एक 30 मिमी की गन के अतिरिक्त दो 12.7 मिमी की गन भी लगीं हैं।
भारतीय नौसेना की भूमिका अरब सागर, हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी की भारत के कई राज्यों से गुज़रने वाली तटरेखा की सुरक्षा के अलावा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तटवर्ती इलाक़ों में राहत और बचाव के कार्य करने की भी है। कम भार के कारण मालवन जैसे युद्धपोत आसानी से तटों के पास जाकर भी कार्रवाई कर सकते हैं।
People use rubber boats in the flooded street after part of a dam burst in Orsk, Russia. Russia's government has declared the situation in flood-hit areas in the Orenburg oblast a federal emergency. The floods, caused by rising water levels in the Ural River, forced over 4,000 people, including over 800 children, to evacuate, the regional government said. (Anatoly Zhdanov/Kommersant Publishing House via AP) - Sputnik भारत, 1920, 22.07.2026
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