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भारत ने भूटान की ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की क्रेडिट लाइन शुरू की
भारत ने भूटान की ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की क्रेडिट लाइन शुरू की
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भारत और भूटान ने एक उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान हिमालयी राष्ट्र में नई दिल्ली समर्थित विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान दोनों पक्षों ने 4,000 करोड़ रुपये के रियायती ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री और उनके भूटानी समकक्ष दाशो पेमा लेक्टुप दोरजी की सह-अध्यक्षता में भारत-भूटान विकास सहयोग पर पांचवीं वार्ता हुई, जिसमें भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत परियोजनाओं को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।मंत्रालय ने बताया कि "भूटान में ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए दोनों देशों के बीच 4,000 करोड़ रुपये की रियायती क्रेडिट लाइन का समझौता किया गया।"विदेश मंत्रालय के अनुसार, भूटान की ग्रीन मोबिलिटी पहलों के लिए भारत के समर्थन के तहत 45 इलेक्ट्रिक वाहन भूटान की शाही सरकार को सौंपे गए।बता दें कि नई दिल्ली ने हिमालयी क्षेत्र के अपने पड़ोसी देश भूटान के साथ लंबे समय से चली आ रही विकास साझेदारी के तहत उसकी 13वीं पंचवर्षीय योजना के लिए समर्थन देने का वादा किया है। इस योजना अवधि (2024-29) के लिए 100 अरब (10,000 करोड़) रुपये आवंटित किए गए हैं।
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भारत, भारत सरकार, भारत का विदेश मंत्रालय (mea), भारत का विकास, भूटान , राजनीतिक और आर्थिक स्वतंत्रता, ऊर्जा क्षेत्र
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भारत ने भूटान की ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की क्रेडिट लाइन शुरू की
भारत और भूटान ने एक उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान हिमालयी राष्ट्र में नई दिल्ली समर्थित विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान दोनों पक्षों ने 4,000 करोड़ रुपये के रियायती ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री और उनके भूटानी समकक्ष दाशो पेमा लेक्टुप दोरजी की सह-अध्यक्षता में भारत-भूटान विकास सहयोग पर पांचवीं वार्ता हुई, जिसमें भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत परियोजनाओं को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
जारी बयान में कहा गया, "दोनों पक्षों ने अलग-अलग क्षेत्रों में भारत-समर्थित परियोजनाओं की प्रगति और उनके कार्यान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान भूटान ने भारत के महत्वपूर्ण सहयोग और देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में उसके योगदान की सराहना की।"
मंत्रालय ने बताया कि "भूटान में ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए दोनों देशों के बीच 4,000 करोड़ रुपये की रियायती क्रेडिट लाइन का समझौता किया गया।"
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भूटान की ग्रीन मोबिलिटी पहलों के लिए भारत के समर्थन के तहत 45 इलेक्ट्रिक वाहन भूटान की शाही सरकार को सौंपे गए।
बता दें कि नई दिल्ली ने हिमालयी क्षेत्र के अपने पड़ोसी देश भूटान के साथ लंबे समय से चली आ रही विकास साझेदारी के तहत उसकी 13वीं पंचवर्षीय योजना के लिए समर्थन देने का वादा किया है। इस योजना अवधि (2024-29) के लिए 100 अरब (10,000 करोड़) रुपये आवंटित किए गए हैं।