विश्व
खबरें ठंडे होने से पहले इन्हें पढ़िए, जानिए और इनका आनंद लीजिए। देश और विदेश की गरमा गरम तड़कती फड़कती खबरें Sputnik पर प्राप्त करें!

हिंद-प्रशांत में स्वतंत्रता, हितों की रक्षा और शांतिपूर्ण विकास आवश्यक: भारतीय रक्षा मंत्री

© Photo : X/@rajnathsinghRajnath Singh
Rajnath Singh - Sputnik भारत, 1920, 14.10.2026
सब्सक्राइब करें
भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विश्वास बनाने, एक-दूसरे की स्वायत्तता का सम्मान करने, अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने और चुनौतियों का सामना करने के लिए वार्ता का मार्ग खुला रखने पर ज़ोर दिया है।
रक्षा मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि भारतीय रक्षा मंत्री ने दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के रक्षा थिंक टैंक फोरम के कार्यक्रम को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि भारत ऐसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की कल्पना करता है जिसमें छोटे-बड़े सभी देश अपनी पसंद चुन सकें, अपने हितों की रक्षा कर सकें और शांति के साथ विकास कर सकें। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और आसियान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, समृद्धि, खुला और समावेशी वातावरण चाहते हैं।

"भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, SAGAR और MAHASAGAR खुले और बहुध्रुवीय सहयोग पर बल देती है। यह क्षेत्र बढ़ती हई रणनीतिक प्रतिद्वंदिता के कारण तेज़ी से बदलाव देख रहा है। आतंकवाद, साइबर अपराध, समुद्री डकैती, अवैध मछली मारने, जलवायु परिवर्तन से जुड़ी आपदाएं और महत्वपूर्ण आपूर्ति लाइन के खतरे भी सामने हैं। इन चुनौतियों को कोई एक देश हल नहीं कर सकता है," रक्षा मंत्री ने कहा।

राजनाथ सिंह ने ज़ोर देकर कहा कि विवादों पर त्वरित और शांति से चर्चा आवश्यक है इससे पहले कि वे संघर्ष का रूप ले लें।

"भारत को विश्वास है कि जब देश साथ मिलकर सामर्थ्य बनाते हैं, अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन करते हैं और संवाद के ज़रिए भरोसा बनाए रखते हैं तो सुरक्षा सुदृढ़ होती है। हिंद महासागर और दक्षिण-पूर्व एशिया के समुद्रों को सुरक्षित रखना साझा ज़िम्मेदारी है क्योंकि वे एक ही समुद्री स्थान के भाग हैं। यह व्यापार, ऊर्जा और आवश्यक वस्तुओं के लिए ज़रूरी हैं," उन्होंने कहा।

वर्ष 2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग का वर्ष घोषित किया गया है। रक्षा मंत्री ने साझा अनुसंधान, साझा परीक्षण अवसर, युवा अन्वेषकों के आदान-प्रदान का आह्वान करते हुए कहा कि इनका लक्ष्य देशों के बीच भरोसा बहाल करते हुए साझा सामर्थ्य विकसित करना होना चाहिए।
Indian Defence Minister Rajnath Singh addresses the closing ceremony of Exercise Tarang Shakti in Jodhpur. - Sputnik भारत, 1920, 10.10.2026
डिफेंस
हथियारों की संख्या नहीं, फैसले की रफ्तार तय करेगी भविष्य की सैन्य शक्ति: राजनाथ सिंह
न्यूज़ फ़ीड
0
loader
चैट्स
Заголовок открываемого материала