डिफेंस
भारतीय सेना, इसके देशी और विदेशी भागीदारों और प्रतिद्वन्द्वियों की गरमा गरम खबरें।

भारतीय वायुसेना के लिए संचार उपग्रह, नौसेना के लिए टारपीडो का सौदा: रक्षा मंत्रालय

© Photo : Indian NavyThe 5th submarine of Project–75 Vagir delivered to the Indian Navy on 20 Dec 2022.
The 5th submarine of Project–75 Vagir delivered to the Indian Navy on 20 Dec 2022. - Sputnik भारत, 1920, 15.10.2026
सब्सक्राइब करें
भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए संचार उपग्रह क्षमता और नौसेना के लिए स्वदेशी भारी टारपीडो खरीदने के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। रक्षा मंत्रालय द्वारी जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दोनों सौदों का कुल मूल्य लगभग 4106 करोड़ रुपए है। 
वायुसेना के सुरक्षित और सुचारू संचार के लिए GSAT-7C उपग्रह का सौदा कुल 2563 करोड़ रुपए का है जिसे बेंगलुरू की न्यू स्पेस इंडिया कंपनी से खरीदा जाएगा। इस उपग्रह को स्वदेशी रूप से डिज़ाइन, विकसित और निर्मित किया गया है।

इस उपग्रह से भारतीय वायुसेना की संचार व्यवस्था सुरक्षित, सुदृढ़ और सुचारू होगी जिससे भविष्य के अभियानों को मज़बूती मिलेगी। वायुसेना अपने संचार के लिए कई तरह की प्रणालियों का प्रयोग करती है। इन प्रणालियों से वायुसेना अपने नेटवर्क केंद्रित अभियानों में सम्मिलित विभिन्न उपकरणों, रडार, वायुयान और कमान केंद्रों को एक साथ जोड़ती है। इस संचार को शत्रु के आक्रमणों से बचाना और लगातार जारी रखना बड़ी चुनौती है जो इस उपग्रह से काफी हद तक हल हो जाएगी।

भारतीय नौसेना के लिए 1543 करोड़ रुपए मूल्य के वरुणास्त्र टारपीडो के सौदे पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। डीआरडीओ द्वारा विकसित इन स्वदेशी टारपीडो का उत्पादन भारत डायनामिक्स लिमिटेड में किया जाता है। वरुणास्त्र का प्रयोग भारतीय नौसेना के सभी बड़े युद्धपोत करते हैं।
वरुणास्त्र 1500 किग्रा का भारी टारपीडो है जिसमें 250 किग्रा का विस्फोटक लगा होता है। वरुणास्त्र को 600 मीटर तक की गहराई से दागा जा सकता है और यह 40-50 किमी दूर शत्रु के पोत या पनडुब्बी पर प्रहार कर सकता है। इसे युद्धपोत या पनडुब्बी दोनों से ही चलाया जा सकता है। वरुणास्त्र के आने से नौसेना की पनडुब्बी रोधी क्षमता में वृद्धि होगी।
The Russian Navy Caesar Kunikov landing ship is seen during an amphibious assault exercise along the coast held by army corps and naval infantry units of the Russian Black Sea Fleet at the Opuk training ground near Kerch, Crimea, Russia. - Sputnik भारत, 1920, 14.10.2026
भारत-रूस संबंध
रूसी और भारतीय सेनाओं का संयुक्त अभ्यास "इंद्र-2026" शुरू: रूसी रक्षा मंत्रालय
न्यूज़ फ़ीड
0
loader
चैट्स
Заголовок открываемого материала